Social Activity BSP
मनेंद्रगढ़ (Social Activity BSP)। तहफ़्फ़ुज़-ए-नामूस-ए-रिसालत एक्शन ट्रस्ट (TNRAT) ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों में दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र, भोजन मंत्र, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र जैसी गतिविधियों के संचालन संबंधी आदेश पर आपत्ति जताते हुए माननीय अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा है।
संगठन का कहना है कि शासकीय विद्यालयों में विभिन्न धर्मों और समुदायों के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। ऐसे में किसी विशेष धार्मिक परंपरा से जुड़ी गतिविधियों को विद्यालयी दिनचर्या का हिस्सा बनाए जाने से संविधान में प्रदत्त समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों से जुड़े प्रश्न खड़े होते हैं।
ज्ञापन में TNRAT ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी धर्म, धार्मिक परंपरा या धार्मिक ग्रंथ का विरोध करना नहीं है, बल्कि सभी विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और समान अवसरों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
संगठन ने राज्य शासन से उक्त आदेश पर पुनर्विचार करने, सभी समुदायों के विद्यार्थियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने तथा शिक्षा व्यवस्था को संविधान की मूल भावना के अनुरूप संचालित करने की मांग की है।
TNRAT का कहना है कि सरकारी विद्यालय सभी नागरिकों के लिए समान रूप से हैं और वहां अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी की धार्मिक स्वतंत्रता एवं अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। संगठन ने इस संबंध में शासन से संवेदनशीलता के साथ विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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