Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP)। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रहे बड़े आयोजनों के बीच अब 6 सितंबर को प्रस्तावित भव्य ‘तीजा तिहार’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और महिला नेत्रियों की मौजूदगी प्रस्तावित बताई जा रही है।
जहां भाजपा इस आयोजन को छत्तीसगढ़ी संस्कृति और मातृशक्ति के सम्मान का उत्सव बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने आरोप लगाया है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र विकास कार्यों की बजाय लगातार बड़े राजनीतिक और सांस्कृतिक आयोजनों का ‘इवेंट हब’ बनता जा रहा है।
सड़क, नाली और पेयजल की समस्याएं अब भी जस की तस—कांग्रेस
अंकित गौरहा ने कहा कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आज भी सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। विशेष रूप से बेलतरा शहरी क्षेत्र के कई प्रमुख मार्गों की खराब स्थिति को लेकर जनता लगातार शिकायत कर रही है।
उन्होंने कहा कि कई इलाकों में लोग अपने रोजमर्रा के बुनियादी सवालों के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधित्व का बड़ा हिस्सा भव्य आयोजनों और राजनीतिक कार्यक्रमों में अधिक दिखाई दे रहा है।
गौरहा ने सवाल उठाया कि आखिर क्षेत्र की जनता को यह कब बताया जाएगा कि उनकी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान कब होगा।
‘इवेंट’ पर खर्च का हिसाब सार्वजनिक क्यों नहीं?
तीजा तिहार आयोजन को लेकर कांग्रेस ने सबसे बड़ा सवाल खर्च और संसाधनों के स्रोत को लेकर उठाया है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि आयोजन में किसी सरकारी विभाग, स्थानीय निकाय या सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, तो उसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
विपक्ष ने सवाल किया है कि कार्यक्रम में—
मंच व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और सरकारी अमले की तैनाती—जैसी व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च का भार आखिर किसके ऊपर है?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि यह पूरी तरह निजी या पार्टी संगठन का आयोजन है, तो खर्च का स्रोत और भुगतान का विवरण सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
विपक्ष ने यह भी कहा कि यदि सरकारी मशीनरी या जनता के पैसे का इस्तेमाल किसी राजनीतिक आयोजन के लिए किया गया है, तो यह गंभीर विषय है और इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी?
तीजा तिहार आयोजन को लेकर कांग्रेस ने एक और गंभीर सवाल उठाया है। विपक्ष का आरोप है कि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को आयोजन की व्यवस्थाओं और भीड़ जुटाने में लगाए जाने की चर्चा सवालों के घेरे में है।
कांग्रेस का कहना है कि जिन विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी महिलाओं, बच्चों और आम जनता के स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़ी है, उनके मैदानी अमले का इस्तेमाल यदि किसी राजनीतिक या सामाजिक आयोजन के लिए किया जा रहा है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विपक्ष ने मांग की है कि यदि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को इस आयोजन से संबंधित कोई जिम्मेदारी सौंपी गई है, तो उससे जुड़े आदेश और जिम्मेदारियों का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
‘उत्सव तो ठीक, लेकिन विकास कब?’—जनता के सवालों का जिक्र
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध छत्तीसगढ़ी संस्कृति या तीजा जैसे पारंपरिक पर्व से नहीं है। उनका कहना है कि संस्कृति और परंपराओं का सम्मान सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन सवाल यह है कि जनता की प्राथमिकताओं और सरकारी संसाधनों का उपयोग किस दिशा में किया जा रहा है।
क्षेत्र के लोगों के सामने आज भी कई सवाल खड़े हैं—
खराब सड़कों की मरम्मत कब होगी?
नालियों और जल निकासी की समस्या कब दूर होगी?
पेयजल से जुड़ी शिकायतों का स्थायी समाधान कब होगा?
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर ठोस काम कब दिखाई देगा?
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या अब बड़े मंच, बड़े चेहरे और बड़े आयोजन ही विकास का पैमाना बनते जा रहे हैं?
‘बेलतरा को इवेंट हब नहीं, विकास का मॉडल बनाइए’
अंकित गौरहा ने विधायक सुशांत शुक्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का मूल दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना है। सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन विकास कार्यों को नजरअंदाज कर केवल बड़े आयोजनों पर ध्यान केंद्रित करना जनता के सवालों का समाधान नहीं है।
कांग्रेस ने मांग की है कि तीजा तिहार सहित पिछले कुछ समय के दौरान बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित बड़े कार्यक्रमों पर कुल कितना खर्च हुआ, पैसा किस मद से आया, किन संस्थाओं ने सहयोग किया और सरकारी संसाधनों का कितना उपयोग हुआ, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
कांग्रेस का कहना है कि बेलतरा विधानसभा को केवल ‘इवेंट हब’ बनाने के बजाय ऐसा क्षेत्र बनाया जाना चाहिए, जहां सड़क, पानी, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर जमीनी स्तर पर काम दिखाई दे।
कांग्रेस का सीधा सवाल—उत्सव जरूरी है, लेकिन विकास की प्राथमिकता कब तय होगी?
विपक्ष का कहना है कि जनता उत्सवों और सांस्कृतिक आयोजनों के खिलाफ नहीं है, लेकिन जनता यह जरूर जानना चाहती है कि भव्य आयोजनों के साथ-साथ बेलतरा के विकास की तस्वीर कब बदलेगी।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप और सवाल कांग्रेस नेता अंकित गौरहा एवं विपक्ष की ओर से उठाए गए हैं। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद
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