Social Activity BSP
अम्बिकापुर, 31 अक्टूबर (Social Activity BSP)।
गरीबी, संघर्ष और कच्चे मकान की असुरक्षा से जूझते हुए वर्षों का समय बिताने के बाद जनपद पंचायत लखनपुर के ग्राम निम्हा के निवासी घासी राम आज गर्व और आत्मसम्मान के साथ अपनी पक्की छत तले जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके अधूरे सपने को साकार कर दिया है।
परिवार की कहानी — कच्चे घर से पक्के सपनों तक
घासी राम का परिवार खेती-बाड़ी और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। सीमित भूमि और संसाधनों की कमी के चलते रोज़मर्रा के खर्च पूरे करना ही एक चुनौती थी। बरसात के मौसम में कच्चे घर की टपकती छत, मिट्टी की दीवारों में नमी और टूट-फूट एक बड़ी चिंता थी।
वे बताते हैं—
“हम सालों से पक्के घर का सपना देखते थे। लेकिन कमाई इतनी नहीं थी कि अपना घर बना सकें। बरसात में रात-भर जागकर घर की चिंता करनी पड़ती थी।”
लेकिन वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत घासी राम का नाम स्वीकृत हुआ। किस्तों में मिली राशि और अपनी मेहनत से उन्होंने मजबूत, सुंदर और सुरक्षित मकान का निर्माण कराया।
योजनाओं का समन्वय — एक परिवार, कई परिवर्तन
सरकार की विभिन्न योजनाओं ने घासी राम के जीवन को नई दिशा दी—
| योजना | लाभ |
|---|---|
| प्रधानमंत्री आवास योजना | पक्का मकान, सुरक्षा और सम्मान |
| स्वच्छ भारत मिशन | शौचालय से स्वच्छता और गरिमा |
| उज्ज्वला योजना | एलपीजी गैस कनेक्शन, धुएं से छुटकारा |
| सौभाग्य योजना | बिजली कनेक्शन से घर में रोशनी और सुविधा |
घासी राम ने भावुक होते हुए कहा—
“पहले रसोई में चूल्हे का धुआं लगता था, महिलाएं बीमार पड़ती थीं। अब गैस है, घर में रोशनी है, पानी और स्वच्छता है। यह सिर्फ घर नहीं, नया जीवन है।”
महिलाओं और बच्चों के लिए वरदान
इस पक्के घर ने परिवार की महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर वातावरण दिया है—
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महिलाएँ अब स्वच्छ, धुएं-मुक्त रसोई में खाना बनाती हैं
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बच्चों को पढ़ने के लिए सुरक्षित और प्रकाशयुक्त माहौल मिला है
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परिवार अब सामाजिक कार्यक्रमों में सम्मान के साथ शामिल होता है
गाँव के सरपंच ने भी कहा—
“आज विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ गांव के गरीब परिवारों तक पहुँच रहा है। घासी राम की कहानी पूरी पंचायत के लिए प्रेरणा है।”
गांव में प्रेरणादायक मिसाल
घासी राम का नया पक्का घर आसपास के ग्रामीणों के लिए भी एक उत्साह और प्रेरणा का स्रोत बन गया है। कई लोग अब अपने दस्तावेज़ तैयार कर योजना में आवेदन कर रहे हैं।
अंत में
आज घासी राम कहते हैं—
“अब हमारे बच्चे पक्के घर में बड़े होंगे। यह हमारे लिए किसी सपने से कम नहीं। हम प्रधानमंत्री आवास योजना और सरकार के प्रति आभारी हैं।”
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) वास्तव में ‘आवास से आत्मसम्मान’ तक की यात्रा का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। निम्हा गांव के घासी राम का जीवन इस बदलाव का उज्ज्वल उदाहरण है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद

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