Social Activity BSP
बिलासपुर, 7 नवंबर 2025 —
बिलासपुर के लिंगियाडीह दुर्गानगर इलाके में नगर निगम द्वारा 115 मकानों को तोड़ने की तैयारी के खिलाफ गुरुवार को बड़ा विरोध देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने मौन रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
इस रैली में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, दिलीप पाटिल लक्ष्मी नाथ साहू सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि “भाजपा सरकार एक ओर 18 लाख आवास देने का दावा करती है, जबकि दूसरी ओर गरीबों के सिर से छत छीनने का काम कर रही है।”
🚶♂️ मौन रैली से कलेक्टोरेट तक विरोध की गूंज
यह मौन रैली कांग्रेस भवन से निकलकर कलेक्टोरेट परिसर तक पहुंची, जहां प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मकान तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने, और निर्दोष परिवारों को राहत देने की मांग की।
रैली में महापौर प्रत्याशी प्रमोद नायक, भरत कश्यप, महेश दुबे, और अभय नारायण राय भी मौजूद रहे।
🏘️ “40 साल से रह रहे हैं यहां के लोग” — विधायक अटल श्रीवास्तव
विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि “दुर्गानगर के लोग पिछले 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं। 1982 में तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार (स्व. अर्जुन सिंह के कार्यकाल में) ने लोगों को पट्टा दिया था।”
उन्होंने बताया कि 2019 में नगर निगम ने उन्हीं मकानों पर 10 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से प्रीमियम राशि भी वसूली थी, जिससे निवासियों को स्थायी स्वामित्व का भरोसा मिला था।
लेकिन अब उन्हीं मकानों को तोड़ने का नोटिस देना, उनके अनुसार, “भाजपा की जनविरोधी नीति और आवास के नाम पर धोखा” है।
🏗️ निगम की योजना पर सवाल
नगर निगम ने इस कार्रवाई को “पार्क और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण” की योजना से जोड़ा है।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह केवल विस्थापन की कवायद है। वे पिछले चार महीनों से अधिकारियों की धमकियों और सर्वे के नाम पर दबाव का सामना कर रहे हैं।
इलाके के लोगों का कहना है कि “अगर 40 साल बाद भी हमारा घर सुरक्षित नहीं है, तो सरकार के वादों का क्या मतलब?”
⚖️ कलेक्टर का आश्वासन
विरोध के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि किसी भी कार्रवाई से पहले संपूर्ण जांच की जाएगी और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
📜 लिंगियाडीह विवाद एक नजर में
-
🏠 1982: अर्जुन सिंह सरकार ने निवासियों को पट्टा दिया।
-
💰 2019: नगर निगम ने 10 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से प्रीमियम वसूला।
-
🚧 2025: 115 मकानों को तोड़ने की तैयारी ने विवाद को जन्म दिया।
-
🏞️ कारण: निगम ने पार्क और कॉम्प्लेक्स निर्माण का हवाला दिया।
-
🗣️ कांग्रेस का आरोप: “यह भाजपा सरकार का असली आवास मॉडल है।”
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ मकान नहीं, बल्कि लोगों की पीढ़ियों की मेहनत पर चल रहा बुलडोजर है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि संपूर्ण जांच के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








.jpeg)

