बिलासपुर में अधिवक्ता की रहस्यमयी मौत — दोस्तों के साथ पार्टी के बाद अरपा नदी में मिली लाश, पुल पर खड़ी थी बाइक

 

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Social Activity BSP | बिलासपुर।
बिलासपुर में हाईकोर्ट के युवा अधिवक्ता राहुल अग्रवाल (31 वर्ष) की मौत ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। गुरुवार रात दोस्तों के साथ पार्टी के बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गए, और 21 घंटे बाद उनकी लाश अरपा नदी से बरामद की गई।
घटना स्थल पर रामसेतु पुल के ऊपर उनकी बाइक खड़ी मिली थी। पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या की आशंका मान रही है, लेकिन हालात और घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं — आखिर क्या वजह थी कि एक होनहार वकील ने जिंदगी से हार मान ली?


🕓 रात की पार्टी, सुबह लापता — फिर 21 घंटे बाद नदी में मिला शव

गुरुवार शाम राहुल रोज़ की तरह कोर्ट से लौटे।
रात करीब 7 बजे नेहरू चौक पर अपने दोस्त मुकेश राठिया से मिले, दोनों साथ में सिरगिट्टी के महिंद्रा शोरूम गए और फिर ट्रांसपोर्ट नगर में बैठकर पार्टी की।
उसके बाद वे मोपका में मुकेश के घर पहुंचे, जहां दोस्त अभिषेक आचार्य भी मौजूद था।
रात करीब 1:30 बजे राहुल ने कहा — “सुबह कोर्ट में केस है, अब निकलता हूं।” इसके बाद वे बाइक से मंगला स्थित अपने घर के लिए रवाना हुए, लेकिन घर नहीं पहुंचे।

सुबह जब घरवालों ने कॉल किया तो मोबाइल बंद मिला।
नौकरानी ने बताया कि राहुल रात में लौटे ही नहीं।
परिजनों ने तुरंत कोतवाली थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई।

रात करीब 10:30 बजे कुछ युवकों ने अरपा नदी के रामसेतु पुल के नीचे पानी में शव देखा, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई।
एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला — पहचान राहुल की टी-शर्ट और घड़ी से हुई।


🔍 पुलिस जांच — प्रेमप्रसंग या मानसिक तनाव का मामला?

टीआई सुम्मत राम साहू ने बताया कि दोस्तों से पूछताछ में एक प्रेमप्रसंग का ज़िक्र सामने आया है।
पुलिस को यह भी पता चला कि राहुल शुक्रवार को ग्रैंड गुलमोहर होटल में एक दोस्त की शादी में शामिल होने वाले थे, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे।

अब पुलिस राहुल के मोबाइल कॉल डिटेल, चैट्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी खंगाल रही है ताकि मौत से पहले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, सभी एंगल — आत्महत्या, मानसिक तनाव और व्यक्तिगत विवाद — पर जांच जारी है।


⚖️ राहुल की प्रोफेशनल लाइफ — होनहार लेकिन अंतर्मुखी

भाटापारा निवासी राहुल अग्रवाल ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की थी।
उन्होंने 2018 में बिलासपुर हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की और जल्द ही अपनी मेहनत और लगन से पहचान बनाई।
दोस्तों के मुताबिक, वे कम बोलने वाले लेकिन बेहद मेहनती और संवेदनशील व्यक्ति थे।
उनकी अचानक मौत ने वकील समुदाय और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है।




⚠️ बिलासपुर में बढ़ रहा आत्महत्या का साइलेंट ट्रेंड

पिछले 24 महीनों में 100 से अधिक लोग बिलासपुर जिले में आत्महत्या कर चुके हैं।
अधिकांश मामलों में कारण एक जैसे रहे — प्रेमप्रसंग, अवसाद, पारिवारिक विवाद या पढ़ाई का दबाव।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और काउंसलिंग की कमी इस संकट को और गंभीर बना रही है।

पिछले 24 माह में आत्महत्याओं के प्रमुख कारण:

वजहमामलों की संख्या
प्रेम प्रसंग22
अवसाद / डिप्रेशन20
पारिवारिक विवाद12
पढ़ाई का दबाव7
चरित्र पर संदेह6
आर्थिक / अन्य विवाद5

🕯️ सवाल अभी बाकी हैं…

राहुल अग्रवाल के परिवार ने किसी विवाद या संदिग्ध कॉल से इनकार किया है।
हालांकि पुलिस ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य से ही असली कारण स्पष्ट होगा — यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कुछ और कहानी छिपी है।

फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।


🗞️ एक होनहार अधिवक्ता की रहस्यमयी मौत ने शहर में सनसनी फैला दी है — हंसी-खुशी भरी शाम का अंत आखिर इतनी खामोशी में क्यों हुआ, यह सवाल अब भी बाकी है…




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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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