Social Activity BSP
Social Activity BSP | जांजगीर-चांपा, 13 नवंबर।
जिले में धान खरीदी शुरू होने से पहले ही असंतोष की लहर फैल गई है। राजस्व पटवारी संघ ने खाद्य विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश का कड़ा विरोध करते हुए धान खरीदी केंद्रों में सह-खरीदी प्रभारी के रूप में की गई नियुक्तियों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के करीब 40 पटवारियों को इस वर्ष धान खरीदी केंद्रों में सह-खरीदी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन संघ का कहना है कि यह जिम्मेदारी राजस्व कार्यों में बाधा उत्पन्न करेगी।
📄 कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
राजस्व पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि पटवारियों को धान खरीदी की ड्यूटी से तत्काल मुक्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो संघ नियुक्ति आदेशों का सामूहिक बहिष्कार करेगा।
⚖️ “राजस्व कार्य पहले से ही अत्यधिक”
संघ ने तर्क दिया कि पटवारियों के पास पहले से ही अनेक राजस्व प्रकरण, भूमि सीमांकन कार्य, और रकबा प्रविष्टि संबंधित दायित्व हैं। ऐसे में धान खरीदी की अतिरिक्त जिम्मेदारी किसानों के कार्यों में विलंब और प्रशासनिक अव्यवस्था को जन्म दे सकती है।
🏗️ तैयारी अधूरी, कई विभाग आंदोलनरत
इस बार राज्य शासन ने 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की घोषणा की है, लेकिन जिले में तैयारियां अधूरी बताई जा रही हैं।
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सहकारी विभाग के प्रबंधक, खरीदी केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर पहले से ही व्यापक बदलावों के विरोध में आंदोलनरत हैं।
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अब पटवारी संघ के विरोध ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
🌾 किसानों में भी चिंता
धान खरीदी केंद्रों की तैयारी न होने और कर्मचारियों के आंदोलनों के चलते किसानों में चिंता का माहौल है। पहले ही एग्रीस्टैक पोर्टल पर रकबा एंट्री में तकनीकी गड़बड़ियों से किसान परेशान हैं। अब खरीदी प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों के विरोध ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि —
“15 नवंबर से धान खरीदी वास्तव में शुरू हो पाएगी या नहीं?”
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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