मस्तूरी शूटआउट में बड़ा खुलासा: मास्टर लिंक अकबर खान गिरफ्तार, बिलासपुर पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ से टूटा अपराधियों का नेटवर्क

 

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बिलासपुर, 01 नवंबर 2025।
मस्तूरी गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस खूनी वारदात के पीछे छिपे मुख्य सप्लायर और ऑपरेशनल मास्टर लिंक अकबर खान (53) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अकबर खान वह शख्स है जिसने मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत और उसके गिरोह को न सिर्फ हथियार और गोला-बारूद दिलवाया बल्कि वारदात के बाद शहर में सुरक्षित पनाहगाह और संपर्क नेटवर्क भी मुहैया कराया।

यह गिरफ्तारी एसएसपी रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में चल रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन प्रहार" के तहत हुई है, जिसका उद्देश्य शहर में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों की जड़ काटना है। पुलिस ने खान के साथ उसके साथी देवेश सुमन उर्फ निक्कू सुमन (24) को भी गिरफ्तार किया है।


🔍 CCTV और नेटवर्क ट्रेल से खुला राज

घटना के बाद पुलिस ने शहर के 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि अकबर खान घटना से एक दिन पहले सरकंडा और मस्तूरी के बीच स्थित एक ढाबे पर मुख्य आरोपियों के साथ बैठा था।
इसके अलावा मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स ने भी उसके अपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने की पुष्टि की।


🔫 भारी मात्रा में हथियार बरामद

पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके पास से

  • 3 देसी पिस्टल

  • 2 कट्टे

  • 6 मैगज़ीन

  • 5 मोबाइल

  • 13 खाली खोखे

  • जिंदा कारतूस भी बरामद किए

यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि यह नेटवर्क पिछले काफी समय से सक्रिय था और लगातार असलहे सप्लाई कर रहा था।


🩸 जमीन विवाद से शुरू हुई खूनी साजिश

जांच में पता चला है कि आरोपी विश्वजीत अनंत और नितेश सिंह के बीच जमीन और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
आरोप है कि इसी विवाद के चलते 28 अक्टूबर की शाम, जनपद पंचायत कार्यालय के सामने नकाबपोश हमलावरों ने गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें राजू सिंह और चंद्रभान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने वारदात के 24 घंटे के भीतर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अब अकबर खान के पकड़े जाने के बाद गिरोह का पूरा ढांचा पुलिस के सामने आ गया है।




⚖️ संगठित अपराध की धारा — अब मामला और कड़ा

मामले में अब धारा 111 BNS (संगठित अपराध) लागू कर दी गई है।
एसएसपी रजनेश सिंह का बयान —

“अकबर खान जैसे अपराधी सिर्फ अपराध नहीं करते बल्कि अपराध की प्रणाली खड़ी करते हैं। अब पूरा नेटवर्क तोड़ा जाएगा।”


👥 अब तक गिरफ्तार आरोपी

  1. विश्वजीत अनंत

  2. अरमान उर्फ बलमजीत अनंत

  3. चाहत उर्फ विक्रमजीत

  4. मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस

  5. मोहम्मद मतीन उर्फ मोंटू

  6. ब्रायनजीत उर्फ आरजू

  7. विधि से संघर्षरत किशोर

  8. देवेश सुमन उर्फ निक्कू सुमन

  9. अकबर खान (मुख्य सप्लायर व साजिशकर्ता)


📌 अकबर खान नेटवर्क कैसे काम करता था?

तत्वविवरण
भूमिकाहथियार सप्लायर, लॉजिस्टिक सपोर्ट, नेटवर्क मैनेजमेंट
क्षेत्रमोपका, सरकंडा, कोनी, मस्तूरी
तरीकाढाबों/लॉज में सीक्रेट मीटिंग्स, नकाबपोश संपर्क
सपोर्टअपराधियों को मोबाइल सिम, ठिकाने और ट्रांसपोर्ट
सबूतCCTV, मोबाइल डेटा, हथियार बरामद
अगला कदमवित्तीय सपोर्ट व सप्लायर चैन की गहरी जांच

🧠 क्राइम एनालिसिस

इस गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि मस्तूरी शूटआउट सिर्फ निजी रंजिश नहीं, बल्कि संगठित अपराध सिंडिकेट का हिस्सा था।
अकबर खान इस नेटवर्क का वह ऑपरेशनल लिंक था जो अपराधियों को हथियार, सुरक्षित ठिकाने और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराता था।

अब पुलिस इस केस को राज्य में सक्रिय स्थानीय माफिया सिंडिकेट के रूप में जांच रही है।


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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद









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