HTPS के क्लोरीनेशन प्लांट में हादसा, एक कर्मचारी घायल — संयुक्त माॅकड्रिल में दिखी त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई

 

Social Activity BSP

कोरबा, 4 नवंबर 2025 (Social Activity BSP)।
हसदेव ताप विद्युत गृह (एचटीपीएस) कोरबा पश्चिम में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब क्लोरीनेशन प्लांट में गैस रिसाव की सूचना आपात स्थिति नियंत्रक केंद्र को मिली। सूचना मिलते ही महज 45 सेकंड के भीतर अग्निशमन दल अपने वाहनों के साथ मौके पर पहुंचा और क्लोरीन गैस के फैलाव को रोकने के लिए वाटर कर्टेन (Water Curtain) तैयार कर दी।
इस दौरान एक कर्मचारी फिसलकर गिर गया और चोटिल हो गया, जिसे तुरंत रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।


🚨 माॅकड्रिल के दौरान घटी वास्तविक जैसी स्थिति

बाद में पता चला कि यह घटना आनसाइट इमरजेंसी माॅकड्रिल (On-site Emergency Mock Drill) के अंतर्गत आयोजित संयुक्त पूर्वाभ्यास का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य आपात स्थिति में तत्परता की जांच करना था।
यह पूर्वाभ्यास एचटीपीएस संरक्षा विभाग द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें डीएसपीएस कोरबा पूर्व, एनटीपीसी, बालको, आईओसीएल और एलपीजीबीपी के सुरक्षा विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।


🧯 त्वरित प्रतिक्रिया ने दिखाई सजगता

घटना के दौरान शिफ्ट इंचार्ज सविता पटेला ने बताया कि टोनर बदलने के बाद क्लोरीन गैस का हल्का रिसाव हुआ था, जिससे अलार्म बज उठा।
उन्होंने तत्काल सूचना आपात स्थिति नियंत्रक केंद्र को दी। इसके बाद मुख्य दुर्घटना नियंत्रक, अग्निशमन विभाग, सुरक्षा विभाग, संधारण विभाग और औद्योगिक स्वास्थ्य केंद्र की टीमों ने मिलकर तुरंत कार्रवाई की।

सिर्फ 45 सेकंड में मौके पर पहुंची फायर टीम ने जो प्रतिक्रिया दी, वह एचटीपीएस की तत्परता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाता है।


🧑‍🔧 अधिकारियों की मौजूदगी और समन्वय

माॅकड्रिल का संचालन सहायक संचालक (औद्योगिक स्वास्थ्य एवं संरक्षा) विजय सिंह पोटाई की निगरानी में किया गया।
उन्होंने कहा कि “ऐसे पूर्वाभ्यास से कर्मचारियों की सतर्कता और समन्वय क्षमता का वास्तविक परीक्षण होता है। आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को यह और मजबूत बनाता है।”
कार्यक्रम का नेतृत्व कारखाना प्रबंधक पी.के. स्वैन ने किया, जिन्होंने अंत में सभी विभागों से रिपोर्ट प्राप्त कर कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।


👨‍🔬 शामिल अधिकारी और विभाग

इस माॅकड्रिल में कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे —

  • वरिष्ठ मुख्य रसायनज्ञ: ए.के. कुरनाल

  • अधीक्षण अभियंता (संरक्षा): आर.के. बंजारा

  • अधीक्षण अभियंता (संचालन): नरेंद्र कुमार उइके

  • अधीक्षण अभियंता (टरबाइन मेंटेनेंस): मनोज जायसवाल

  • मुख्य सुरक्षा अधिकारी: आर.के. चैरे

  • अग्निशमन विभाग से: जी.पी. पनरिया व उनकी टीम


⚗️ क्लोरीन गैस — बेहद खतरनाक और दमघोटक

क्लोरीन प्लांट में बड़े सिलेंडरों में क्लोरीन गैस संग्रहित रहती है, जिसे पानी में घोलकर विद्युत संयंत्र में उपयोग किया जाता है।
यह प्रक्रिया संयंत्र के पानी को लंबे समय तक साफ रखती है।
जानकारों के अनुसार —

  • क्लोरीनेटर 3.5 किलोग्राम के दाब पर कार्य करता है।

  • क्लोरीन गैस का टीएलवी (Threshold Limit Value) केवल 0.5 PPM है,
    इससे अधिक होने पर यह दमघोटक हो जाती है।

  • गैस रिसाव की स्थिति में यह सतह से 5 मीटर की ऊंचाई तक फैल सकती है, जिससे यह मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक बन जाती है।


✅ पूर्वाभ्यास से बढ़ी सजगता

माॅकड्रिल के बाद सभी औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कारखाना प्रबंधक पी.के. स्वैन ने कहा कि,

“इस तरह के संयुक्त पूर्वाभ्यास न केवल आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।”


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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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