ऐतिहासिक जामा मस्जिद चांटापारा व ताज मस्जिद में गरिमामय ढंग से मनाया गया गणतंत्र दिवस

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बिलासपुर | 26 जनवरी 2026

देश के 77वें गणतंत्र दिवस (यौमे जमहूरियत) के अवसर पर शहर की 1894 में निर्मित ऐतिहासिक जामा मस्जिद, चांटापारा, बिलासपुर में आज सुबह 9:00 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय एवं देशभक्ति के वातावरण में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना आलमगीर नदवी के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुई। इसके पश्चात हाजी मास्टर जमील साहब ने स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों की ऐतिहासिक कुर्बानियों तथा देश के उलेमाओं द्वारा दी गई बलिदान गाथाओं को विस्तारपूर्वक उपस्थित जनसमूह के समक्ष रखा।



जामा मस्जिद के सदर वहीदुल्ला खान ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि हमारे देश का संविधान सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों को समान अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने संविधान की रक्षा को प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं तथा शहर, प्रदेश और देश में अमन-चैन एवं भाईचारे के लिए दुआ की।

इस अवसर पर देशभक्ति का वातावरण उस समय और अधिक भावपूर्ण हो गया जब छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध मुफ्ती सरफराज साहब ने देशभक्ति से ओतप्रोत तराने प्रस्तुत किए।

इसी क्रम में तालापारा स्थित ताज मस्जिद में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वहीदुल्ला भाई (सदर), रिज़वान भाई (सचिव), शाहिद भाई (नायब सदर), मौलाना आलमगीर नदवी, मुफ्ती सरफराज रौनक, मौलवी किफायतुल्ला, मौलाना उमर (मोहतमिम दारुल हुदा), सेवानिवृत्त प्राचार्य मास्टर अजीम, फिरोजिद्दीन, वसीउल्ला, इक़बाल गौरी, शमीम भाई (तालापारा), मुजाहिद खान, अब्दुल रज़्ज़ाक, साजिद खान, अदीम खान, आदिल खान, अयाज़ ज़ुनजानी सहित जामा मस्जिद के मुक्तदियान व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति निष्ठा के संकल्प के साथ हुआ।




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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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