खबर छत्तीसगढ़ | समान नागरिक संहिता पर TNRAT का विरोध, धार्मिक स्वतंत्रता पर हस्तक्षेप का आरोप

Social Activity BSP

रायपुर (Social Activity BSP)। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सियासत और सामाजिक बहस तेज हो गई है। Tahaffuz-e-Namoos-e-Risalat Action Trust ने राज्य सरकार द्वारा UCC लागू करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का कड़ा विरोध करते हुए इसे “असंवैधानिक मंशा की शुरुआत” बताया है।


सरकार के कदम पर उठाए सवाल

TNRAT ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में UCC लागू करने की दिशा में पहल देश की बहुलतावादी संरचना के खिलाफ है। संगठन का कहना है कि भारत विभिन्न धर्मों, परंपराओं और व्यक्तिगत विधियों वाला देश है, जहां एकरूपता थोपना उचित नहीं है।


संवैधानिक अधिकारों का हवाला

संगठन ने Constitution of India के अनुच्छेद 25, 26, 29 और 30 का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रावधान धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक अधिकार और अल्पसंख्यकों की पहचान की रक्षा करते हैं।
TNRAT का आरोप है कि UCC के नाम पर यदि व्यक्तिगत कानूनों में हस्तक्षेप किया गया, तो यह संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा।


TNRAT का स्पष्ट रुख

संगठन ने अपने बयान में कहा—

  • धार्मिक आस्थाओं और व्यक्तिगत कानूनों में किसी भी प्रकार का दखल स्वीकार नहीं किया जाएगा
  • बहुमत के आधार पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है
  • बिना सर्वधर्मीय सहमति के एक समान कानून लागू करना सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है

आंदोलन की चेतावनी

TNRAT ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रस्तावित UCC का प्रारूप धार्मिक स्वतंत्रता से टकराता है, तो—
👉 राज्यव्यापी विरोध आंदोलन शुरू किया जाएगा
👉 संवैधानिक और कानूनी विकल्पों का सहारा लिया जाएगा
👉 विभिन्न धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के साथ मिलकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा


निष्कर्ष

👉 UCC को लेकर छत्तीसगढ़ में बहस अब तेज होती जा रही है, जहां अलग-अलग संगठन अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं।
👉 आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।


Social Activity BSP👈

रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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