Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP) | बिलासपुर की प्रतिष्ठित रंगसंस्था अग्रज नाट्य दल द्वारा इस वर्ष भी रंगमंच और अभिनय कला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “अभिनय एवं नाट्य कार्यशाला” एवं “बाल नाट्य कार्यशाला” का आयोजन किया जा रहा है। संस्था ने बच्चों और विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण सत्र तैयार किए हैं, जिससे नई प्रतिभाओं को मंच और उचित मार्गदर्शन मिल सके।
संस्था द्वारा आयोजित 45 दिवसीय अभिनय एवं नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ 10 मई 2026 से होगा। यह कार्यशाला 16 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए आयोजित की जाएगी, जिसमें अभिनय, संवाद अदायगी, मंच संचालन, शारीरिक अभिव्यक्ति, भावाभिनय, आवाज़ के उतार-चढ़ाव तथा रंगमंचीय अनुशासन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला के प्रशिक्षक वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील चिपड़े होंगे।
बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील चिपड़े, चम्पा भट्टाचार्य एवं गरिमा भांगे ने बताया कि 8 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए विशेष बाल नाट्य कार्यशाला 15 मई 2026 से शुरू होगी। इसमें बच्चों को खेल-खेल में अभिनय, कहानी प्रस्तुति, मंच व्यवहार और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से थिएटर की प्रारंभिक समझ विकसित कराई जाएगी। इस कार्यशाला का प्रशिक्षण रंगकर्मी गरिमा भांगे द्वारा दिया जाएगा।
दोनों कार्यशालाओं का आयोजन शासकीय स्कूल (SAGES), तिलक नगर, देवकीनंदन चौक के पास बिलासपुर में किया जाएगा। संस्था का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को रंगमंच से जोड़ते हुए उनकी रचनात्मक क्षमता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है।
अग्रज नाट्य दल पिछले कई वर्षों से रंगमंच, लोकसंस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नाटकों के माध्यम से शहर और प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है। संस्था लगातार नए कलाकारों और युवाओं को प्रशिक्षण एवं मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है।
कार्यशाला का समापन प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी “योगेश स्मृति नाट्य महोत्सव” के रूप में किया जाएगा। चार दिवसीय इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण देश के सुप्रसिद्ध अभिनेता एवं रंगकर्मी रघुवीर यादव होंगे। वे महोत्सव में अपनी विशेष नाट्य प्रस्तुति भी देंगे, जिसे लेकर रंगप्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है।
महोत्सव के दौरान “योगेश स्मृति सम्मान” भी प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान ऐसे शिक्षकों को समर्पित होगा जो शिक्षा और कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं। संस्था का मानना है कि “अभिव्यक्ति, अनुभव और परिवर्तन” की भावना से आयोजित यह कार्यशाला और महोत्सव बिलासपुर के सांस्कृतिक वातावरण को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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