Social Activity BSP
बिलासपुर, 1 मई 2026 (Social Activity BSP)।
दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय बिलासपुर स्थित ऑडिटोरियम में शुक्रवार को ‘खनिक दिवस’ बड़े ही गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में निदेशक (तकनीकी संचालन) श्री एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण से हुई, जिसके पश्चात कोल इंडिया का कॉर्पोरेट गीत बजाया गया। दीप प्रज्वलन और ‘वंदे मातरम्’ के साथ औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस दौरान शहीद श्रमवीरों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
“श्रमिक ही एसईसीएल की असली पहचान” – हरीश दुहन
अपने संबोधन में सीएमडी श्री हरीश दुहन ने कहा कि “हमारे श्रमिक ही राष्ट्र के ऊर्जा प्रहरी हैं। यह दिन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उन हाथों को नमन करने का अवसर है जो धरती के भीतर से ऊर्जा निकालकर देश को रोशन करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि एसईसीएल की असली पहचान मशीनें या उत्पादन नहीं, बल्कि उसके कर्मठ कामगार, माइनर्स, सुपरवाइजर्स और उनके परिवार हैं, जिनके त्याग और अनुशासन से कंपनी आगे बढ़ रही है।
विशेष टेबलाय का विमोचन
इस अवसर पर खनिकों को समर्पित एक विशेष टेबलाय (स्मारिका) का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। साथ ही केंद्रीय कोयला मंत्री का संदेश भी कार्यक्रम में पढ़कर सुनाया गया।
श्रमवीरों का सम्मान
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों, परियोजनाओं और श्रमिकों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
- एरिया परफॉर्मेंस में दीपका, रायगढ़ और कुसमुंडा क्षेत्रों ने श्रेष्ठ स्थान प्राप्त किए।
- ओपनकास्ट व अंडरग्राउंड माइंस श्रेणी में भी कई इकाइयों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पुरस्कार जीते।
- बेस्ट ऑपरेटर एवं वर्कर श्रेणी में विभिन्न खनिकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा सीएसआर, सेफ्टी, एचआरडी, पब्लिक रिलेशन्स, राजभाषा, इनोवेशन सहित कई श्रेणियों में भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
सर्वोच्च सम्मान
इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन को “सर्वोत्कृष्ट खनिक सम्मान” से भी नवाजा गया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
नेताओं और श्रमसंघों की भागीदारी
कार्यक्रम में विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी श्रमिक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कंपनी प्रबंधन के साथ सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
श्रद्धांजलि और समापन
कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने शहीद स्मारक, डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं खनिक प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन श्री वरुण शर्मा और मिताली तिवारी ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (एचआर) श्री एस. परीदा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
निष्कर्ष:
एसईसीएल का यह खनिक दिवस समारोह न केवल श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि देश की ऊर्जा व्यवस्था की नींव खनिकों की मेहनत और समर्पण पर टिकी हुई है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद









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