'अभियान संवेदना' के तहत 9 माह से लापता नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, शादी का झांसा देकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार

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रायगढ़ (Social Activity BSP)। रायगढ़ पुलिस द्वारा संचालित 'अभियान संवेदना' के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने लगभग नौ माह से लापता 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद करते हुए उसे बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर 2025 को बालिका के पिता ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 21 सितंबर 2025 को कपड़े सिलवाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर थाना पूंजीपथरा में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम लगातार बालिका एवं संदेही की तलाश में जुटी रही। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि सारंगढ़ निवासी राजेश कुमार बंजारे (30 वर्ष) बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।

4 जुलाई 2026 को मिली सूचना पर उप निरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम मनपसार स्थित आरोपी के घर में दबिश देकर नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद किया तथा आरोपी राजेश कुमार बंजारे को हिरासत में लिया।

पूछताछ के दौरान बालिका ने बताया कि वर्ष 2025 में घर के सामने निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने वाले आरोपी से उसकी पहचान हुई थी। आरोपी ने प्रेम एवं शादी का झांसा देकर 21 सितंबर 2025 को उसे सारंगढ़ बस स्टैंड बुलाया और अपने साथ ले जाकर उसका शारीरिक शोषण किया।

बालिका के कथन एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87, 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 जोड़ी गईं। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं, बालिका को नियमानुसार उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा डीएसपी सुशांतो बनर्जी के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, उप निरीक्षक संध्या रानी कोका, प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीष पोया, प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की तथा आरक्षक ओम प्रकाश तिवारी, हेम सागर पटेल और चंद्रशेखर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि 'अभियान संवेदना' के तहत गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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