Social Activity BSP
समापन समारोह में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के कार्यपालक निदेशक (पर्यावरण) सी. जयदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने खनन गतिविधियों के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और जल के वैज्ञानिक प्रबंधन को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन नियमों, आधुनिक तकनीकों तथा प्रभावी जल संरक्षण उपायों से अवगत कराते हैं।
दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों से आए अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विशेषज्ञों ने भू-जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण (Recharge), उद्योगों में जल के कुशल उपयोग तथा भू-जल से जुड़े नियामकीय प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यशाला में केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण (CGWA) से डॉ. प्रबीर के. नाइक (रीजनल डायरेक्टर), उद्देश्य कुमार (साइंटिस्ट-सी) और एच. वी. सोफिया के (साइंटिस्ट-सी) तथा केंद्रीय भू-जल बोर्ड (CGWB), रायपुर से डॉ. भूषण आर. लामसोगे (रीजनल डायरेक्टर), सिद्धांत कुमार साहू, सायली उमेश तेंबूर्णे और प्रमोद साहू (साइंटिस्ट-सी) ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने भू-जल प्रबंधन, जल संरक्षण, आवश्यक अनुमतियों तथा कार्यस्थल से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से सवाल पूछे, जिनका सरल और व्यावहारिक समाधान दिया गया।
समापन अवसर पर विशेषज्ञों ने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि सी. जयदेव ने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे उनके कार्यक्षेत्र में जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।
एसईसीएल की यह पहल भू-जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा सतत एवं जिम्मेदार खनन गतिविधियों को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद
Click here 👆👆







.jpeg)

