Social Activity BSP
🕓 नारायणपुर |
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। गोट गांव में आयोजित एक पारिवारिक भोज के बाद दूषित भोजन खाने से तीन मासूम बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई ग्रामीण गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं।
जहां कुछ घंटे पहले गांव में खुशियों का माहौल था, वहीं अब हर घर में मातम पसरा हुआ है।
भोजन के कुछ घंटे बाद बिगड़ी तबीयत
गांववालों के अनुसार, दोपहर में भोज के दौरान परोसे गए भोजन को खाने के कुछ ही समय बाद कई बच्चों और महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
उन्हें उल्टी, चक्कर और बेहोशी जैसे लक्षण दिखने लगे।
शुरुआत में ग्रामीणों ने घरेलू इलाज का सहारा लिया, लेकिन हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को सूचना दी गई।
बीजापुर और नारायणपुर से मेडिकल टीमें रवाना
सूचना मिलते ही नारायणपुर और बीजापुर जिलों से स्वास्थ्य विभाग की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुईं।
हालांकि दुर्गम जंगलों और कमजोर मोबाइल नेटवर्क के कारण राहत टीमों को गांव तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कई किलोमीटर का सफर टीमों को पैदल और मोटरसाइकिल से तय करना पड़ा।
तीन मासूमों की दर्दनाक मौत, कई की हालत गंभीर
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मृतक तीनों बच्चे एक ही परिवार के आसपास के घरों के थे और सभी ने एक ही भोज में हिस्सा लिया था।
कई ग्रामीणों का इलाज भैरमगढ़ उप-स्वास्थ्य केंद्र और नजदीकी कैंपों में चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग की पुष्टि हुई है, हालांकि भोजन में कौन-सा ज़हरीला तत्व था, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कलेक्टर ने की घटना की पुष्टि
नारायणपुर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया —
> “प्रभावित गांव अबूझमाड़ के अत्यंत दुर्गम इलाके में स्थित है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और सभी बीमारों का तत्काल इलाज कराया जा रहा है। भोजन के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।”
दुर्गम अबूझमाड़ में राहत कार्य बनी चुनौती
अबूझमाड़ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क संपर्क और नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर हैं।
इसी वजह से राहत कार्यों में देरी हो रही है।
अधिकारियों का कहना है कि “मृतकों की संख्या बढ़ सकती है,” क्योंकि कुछ मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है।
गांव में पसरा मातम — परिजन सदमे में
गोट गांव में अब हर ओर सन्नाटा और शोक का माहौल है।
कई परिवार अस्पतालों की ओर भाग रहे हैं, जबकि कुछ परिजन अब भी अपने अपनों की तलाश में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि “छठी जैसे पारंपरिक आयोजन में ऐसा हादसा पहली बार हुआ है,” और पूरे गांव में डर का माहौल बना हुआ है।
फैक्ट फाइल: अबूझमाड़ – जहां स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचती हैं मुश्किल से
पैरामीटर स्थिति
प्रमुख गांव गोट, अबूझमाड़, धुरगांव
स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 60 किमी दूर
एंबुलेंस पहुंच कई इलाकों में असंभव
नेटवर्क स्थिति बहुत कमजोर या नहीं के बराबर
ताजा हादसा फूड प्वाइजनिंग से 3 बच्चों समेत 5 की मौत
गांव की खामोशी में गूंज रहे सवाल
गांव के लोग आज सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं —
“क्या ये मौतें टल सकती थीं अगर स्वास्थ्य सेवाएं समय पर पहुंचतीं?”
या फिर “अगर भोजन की जांच पहले हो जाती, तो क्या मासूमों की जान बच सकती थी?”
इन सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएंगे।
📍SOCIAL ACTIVITY BSP
रिपोर्ट – शेख सरफराज अहमद





