बिलासपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘मोंथा’ अब धीरे-धीरे मध्य छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बुधवार, 29 अक्टूबर को प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
🌧️ मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटे प्रदेश के लिए अहम रहने वाले हैं। चक्रवात के प्रभाव से बिलासपुर, रायगढ़, बस्तर, कांकेर सहित आसपास के जिलों में तेज़ हवाओं और बारिश के आसार हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले स्थानों, पेड़ों और पुराने ढांचों से दूर रहें तथा सतर्कता बरतें।
🌦️ बिलासपुर में मौसम का बदला मिजाज़
मंगलवार को बिलासपुर में पूरे दिन घने बादल छाए रहे। शाम होते ही ठंडी हवाओं और हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। हालांकि रात का तापमान अब भी सामान्य से थोड़ा अधिक बना रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 29.4°C और न्यूनतम तापमान 24.2°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक रहा। दिनभर बादलों के कारण उमस बनी रही, लेकिन शाम की ठंडी हवाओं ने राहत दी।
🌾 किसानों में बढ़ी चिंता
त्योहारों के बाद मौसम में आए इस बदलाव का असर अब कृषि कार्यों पर भी देखा जा रहा है। किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं क्योंकि तेज़ हवाओं और अचानक होने वाली बारिश से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
🌧️ उत्तर छत्तीसगढ़ में भी असर
सरगुजा और बलरामपुर जिलों में भी निम्नदाब का प्रभाव देखा गया। मंगलवार देर रात कुछ इलाकों में बारिश का दौर चला, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे तक यह चक्रवात प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित कर सकता है।
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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद


