Social Activity BSP
रायपुर, 31 अक्टूबर (Social Activity BSP): दक्षिण-पूर्वी समुद्री तट से आया भीषण चक्रवाती तूफ़ान ‘मोन्था’ तटीय राज्यों में कमजोर पड़ने के बाद अब मध्य भारत में अपना असर दिखा रहा है। छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में पिछले तीन दिनों से बादलों की मौजूदगी बनी हुई है, और राजधानी रायपुर में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज छत्तीसगढ़ के करीब 11 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश में भी बदला मौसम का मिजाज
पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भी मौसम बदल गया है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
IMD ने जानकारी दी है कि 3 नवंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में प्रवेश करेगा, जिसके चलते ठंडी हवाएं और बारिश का क्रम जारी रहेगा।
-
29 जिलों में अलर्ट जारी
-
भोपाल, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में बारिश की संभावना
-
कटनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में येलो अलर्ट
-
कई स्थानों पर कोहरा और तापमान में गिरावट दर्ज
इसके साथ ही ‘मोन्था’ के प्रभाव से प्रदेश में हवा की रफ्तार तेज महसूस की जा रही है और तापमान में कमी आई है।
आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा असर — सीएम ने किया दौर
‘मोन्था’ का सबसे ज्यादा प्रभाव आंध्र प्रदेश में देखने को मिला है।
राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आज कोनसीमा जिले के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अमरावती में भी प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
विशाखापत्तनम चक्रवात चेतावनी केंद्र के अधिकारी नागा भूषणम के अनुसार:
-
एनटीआर, पलनाडु और प्रकाशम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
-
अगले 24 घंटों में सिस्टम के और कमजोर होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना
-
हवा की रफ्तार 60–80 किमी/घंटा तक जा सकती है
मछुआरों के लिए चेतावनी
अधिकारियों ने मछुआरों को आज और कल समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
तेलंगाना में भी तूफान का असर देखा गया, जहां वारंगल में भारी बारिश हुई।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में ‘मोन्था’ का असर बरकरार है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और सावधानी बरतें।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद

.jpeg)

