बिलासपुर में कांग्रेस का उग्र मार्च: टीन की दीवार टूटी, बैरिकेडिंग ढही… पुलिस का वाटर कैनन दहाड़ा, कलेक्ट्रेट के आसपास पूरे दिन हड़कंप

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बिलासपुर। गुरुवार का दिन शहर के लिए तनाव, टकराव और राजनीतिक उथल-पुथल से भरा रहा। कांग्रेस का उग्र मार्च जैसे ही कलेक्टोरेट पहुंचा, माहौल बेकाबू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने टीन की दीवार और पुलिस की बैरिकेडिंग क्षणों में तोड़ डाली। हालात बिगड़ते देख पुलिस को वाटर कैनन की तेज़ बौछारों का सहारा लेना पड़ा। कलेक्ट्रेट के चारों ओर घंटों अफरा-तफरी, चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल रहा—पूरा इलाका एक दिन के लिए राजनीतिक रणभूमि में तब्दील हो गया।


जर्जर सड़कें, महंगे बिजली बिल, धान खरीदी अव्यवस्था और रजिस्ट्री शुल्क—इन्हीं मुद्दों पर उग्र हुआ कांग्रेस का मार्च

यह उग्र प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय केसरवानी और शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय पांडे के नेतृत्व में हुआ। नेहरू चौक से शुरू हुई रैली देखते ही देखते सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ में बदल गई। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट की ओर बढ़े।

कलेक्ट्रेट पहुंचते ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन उग्र भीड़ ने बैरिकेडिंग और टीन की दीवार को मिनटों में ध्वस्त कर दिया। इसी दौरान जिलाध्यक्ष विजय केसरवानी समेत कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ते हुए नीचे गिर पड़े।

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को वज्र वाहन और वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा। पानी की तेज धारों से भीड़ को पीछे धकेला गया, हालांकि अफरा-तफरी काफी देर तक बनी रही।


विरोध के पाँच बड़े मुद्दे — कांग्रेस ने सरकार को घेरा

कांग्रेस द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए गए। जन-आक्रोश के केंद्र में ये प्रमुख मुद्दे रहे:


1. जर्जर सड़कें और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अव्यवस्था

  • शहर की अधिकांश सड़कें बेहाल, बारिश के बाद फिर टूटने की शिकायत

  • धूलजनित बीमारियों और दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी

  • स्मार्ट सिटी फंड से बनाई गई वह सड़क, जिस पर एक भी घर नहीं—और निजी जमीन में जाकर खत्म होने वाली सड़क को लेकर कांग्रेस का तीखा हमला

  • कांग्रेस ने इसे “फिजूल खर्च और अव्यवहारिक प्लानिंग” बताया


2. हसदेव और तमनार में पेड़ों की कटाई – पर्यावरण बनाम उद्योग

  • अंधाधुंध पेड़ कटने पर कांग्रेस का विरोध

  • किसानों को पानी की कमी का हवाला देकर धान लगाने से रोका, जबकि उद्योगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध—कांग्रेस ने इसे “दोहरी नीति” कहा

  • कोयला उद्योग से स्थानीय लोगों को लाभ नहीं, बल्कि प्रदूषण और बीमारी—ऐसे आरोप कांग्रेस ने दोहराए


3. बिजली बिलों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर विवाद

  • दो साल में बिजली दरों में पाँच बार बढ़ोतरी का आरोप

  • कम खपत के बावजूद हजारों के बिल

  • स्मार्ट मीटर बिजली बंद होने पर भी चलते रहने का आरोप

  • जनता में व्यापक असंतोष की बात कांग्रेस ने उठाई


4. धान खरीदी अव्यवस्था—किसानों की परेशानी बढ़ी

  • कई केंद्रों में खरीदी शुरू न होने का दावा

  • पंजीयन गड़बड़ियाँ, बोरा उपलब्धता को लेकर अस्पष्टता

  • कांग्रेस का आरोप—“इस व्यवस्था में कई किसान धान बेच ही नहीं पाएंगे”


5. रजिस्ट्री शुल्क बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परेशान

  • पाँच डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री बंद होने का मुद्दा

  • गरीबों को संपत्ति होने के बावजूद बिक्री या ऋण के लिए उपयोग में दिक्कत

  • नई गाइडलाइन से रजिस्ट्री शुल्क भारी बढ़ा

  • गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाकर बेघर करने का आरोप

  • कांग्रेस ने कहा—“महिलाओं और मजदूरों से शहर के पास का रोज़गार भी छीन लिया गया”


कांग्रेस का आरोप—शहर से गांव तक हर वर्ग परेशान, यह जन-आक्रोश है

नेताओं का कहना था कि भाजपा सरकार के फैसलों से हर वर्ग प्रभावित है। सड़कों की हालत, रजिस्ट्री शुल्क, बिजली दरें, और धान खरीदी ने जनता की कमर तोड़ दी है।

जिलाध्यक्ष विजय केसरवानी बैरिकेडिंग टूटने में घायल होने के बावजूद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते रहे।

कांग्रेस ने ज्ञापन में सभी मुद्दों के तत्काल समाधान की मांग रखी है।


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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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