कोरबा मुआवज़ा घोटाला: CBI की कार्रवाई से हड़कंप, करोड़ों की धोखाधड़ी पर गिरफ्तारी की मांग तेज़ — जनता की निगाहें शासन पर

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कोरबा। करोड़ों के मुआवज़ा घोटाले में सीबीआई की तेज़ होती जांच ने जिला प्रशासन और एसईसीएल अधिकारियों में खलबली मचा दी है। सरकारी भूमि पर फर्जी निर्माण दिखाकर मुआवजा हड़पने के आरोप में श्यामू (खुशाल) जायसवाल और राजेश जायसवाल के अलावा एसईसीएल के कई जिम्मेदार अधिकारियों व अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज है। अब सवाल उठ रहा है कि गिरफ्तारी कब होगी।

CBI की तेज़ छापेमारी — दस्तावेज़ों की गहन जांच

पिछले दिनों CBI टीम ने ग्राम मलगांव और रलिया में पहुंचकर भूमि अभिलेख, मुआवजा रिकॉर्ड, कंप्यूटर डेटा और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जब्त किए। कार्रवाई के बाद घोटाले में जुड़े लोगों में भारी बेचैनी है।


3 करोड़ 44 लाख का घोटाला पुष्ट — फर्जी दावों का सच सामने आया

जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि:

  • सरकारी और निजी जमीन पर बने कथित घरों के नाम पर बार-बार फर्जी मुआवजा क्लेम किए गए

  • सरकारी खजाने को 3 करोड़ 44 लाख रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया

  • कई दावे 7 बार तक अलग-अलग परिवार जनों के नाम से लगाए गए

  • 1 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि नियमों के विपरीत हड़पने की पुष्टि हुई

ये मामले एक बड़े संगठित नेटवर्क की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।


कानून का खुला उल्लंघन — गलत शपथ-पत्र से मिली राशि

CBA एक्ट 9(1) के तहत:

  • दावेदार का 5 वर्षों में कम से कम 6 माह तक प्रोजेक्ट क्षेत्र में रहना अनिवार्य है

  • लेकिन आरोपियों ने गलत शपथ–पत्र देकर दावा किया कि अधिग्रहित क्षेत्र में उनकी कोई अन्य संपत्ति नहीं है

जांच में सामने आया कि:

  • जिन घरों के आधार पर मुआवजा लिया गया,

  • वे 2004, 2009 और 2010 के नोटिफिकेशन के बाद बनाए गए, यानी पात्रता ही नहीं थी

इसके बावजूद एसईसीएल के कुछ अधिकारियों ने बिना सत्यापन के भुगतान पास कर दिया। अधिकारी भी जांच के केंद्र में आ गए हैं।


गंभीर धाराओं में FIR

आरोपियों पर निम्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध है:

  • IPC 120-B (आपराधिक साजिश)

  • IPC 420 (जालसाजी)

  • PC Act 13(1)(A), 13(2) (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)


सुबह 6 बजे शुरू हुई CBI रेड — दो बड़े स्थानों पर छापेमारी

CBI ने सोमवार सुबह कोरबा में दो जगहों पर दबिश दी:

  1. हरदी बाजार — श्यामू (खुशाल) जायसवाल, इंटक जिला अध्यक्ष

  2. दीपका, कटघोरा रोड — व्यवसायी राजेश जायसवाल

यहां से दस्तावेज़, बैंक डिटेल्स, कंप्यूटर और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई है। सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है।

CBI फिलहाल आधिकारिक बयान देने से बच रही है।


वास्तविक पीड़ित हुए परेशान — अपात्रों को लाभ

कई शिकायतकर्ताओं का आरोप है:

  • वास्तविक प्रभावित परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला

  • बिचौलियों और अधिकारियों की सांठ–गांठ से अपात्र लोगों को फर्जी लाभ दिलाया गया

जांच में यह आशंका मजबूत हुई है कि यह घोटाला किसी एक–दो लोगों का नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।


जनता की निगाहें शासन पर – गिरफ्तारी कब?

CBI के छापों, दस्तावेजी सबूतों और गंभीर आरोपों के बाद अब बड़ा सवाल:

क्या जल्द होंगी गिरफ्तारी?

  • राजनीतिक हलकों में हलचल

  • प्रशासन में बेचैनी

  • जनता और मीडिया दोनों इस मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं

CG ई खबर लगातार इस बड़े घोटाले की मॉनिटरिंग कर रहा है।
संभावना है कि आने वाले दिनों में किसी भी समय बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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