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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR–Special Summary Revision) को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस भवन में आयोजित अहम बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों और ब्लॉक प्रभारियों को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश प्रभारी विजय जांगिड़ ने दावा किया कि बिहार की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी मतदाताओं के नाम काटने और बाहरी नाम जोड़ने का “छिपा हुआ खेल” चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 4 दिसंबर तक हर विधानसभा में 30,000 तक वोटों में हेरफेर की आशंका है।
“बिहार मॉडल की पुनरावृत्ति छत्तीसगढ़ में?” — जांगिड़ का आरोप
बैठक में जांगिड़ ने कहा कि बिहार में एसआईआर लागू होने के बाद 56 लाख नाम काटे गए, जबकि आयोग ने केवल 15 लाख नए नाम जोड़ने की आधिकारिक जानकारी दी। बाद में 21 लाख नाम जोड़ने की वास्तविकता सामने आई।
उन्होंने सवाल उठाया—
“छह लाख नामों का अंतर आखिर कैसे? आयोग के पास इसका कोई जवाब नहीं है।”
जांगिड़ का कहना है कि अब यही पैटर्न छत्तीसगढ़ में अपनाया जा रहा है, जहां 4 दिसंबर तक नाम जोड़ने–काटने की प्रक्रिया में “गंभीर अनियमितताओं” की आशंका है।
कांग्रेस का दावा: परंपरागत वोटरों पर वार
जांगिड़ ने कहा—
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बीजेपी–RSS बेहद संगठित तरीके से काम कर रहे हैं।
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कांग्रेस के पारंपरिक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश हो रही है।
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बाहरी लोगों के नाम जोड़कर एक सीट पर 30 हजार से ज्यादा वोटों का फर्क डाला जा सकता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेताया कि 4 दिसंबर के बाद प्रकाशित होने वाली सूची और दावा–आपत्ति प्रक्रिया में “अतिरिक्त सतर्कता” जरूरी है।
साथ ही उन्होंने कहा—
“मतदाता सूची से नाम गायब हुआ तो भविष्य में व्यक्ति सरकारी योजनाओं से भी वंचित हो सकता है।”
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी समस्या: 2003 की पुरानी सूची से खोजते ग्रामीण
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि बीएलओ अभी भी 2003 की मतदाता सूची के आधार पर काम कर रहे हैं, जबकि इसके बाद परिसीमन के कारण कई विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएँ बदल चुकी हैं।
उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा—
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पहले बेलतरा क्षेत्र सीपत में था।
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तखतपुर, बिलासपुर, कोटा, बिल्हा, मस्तूरी के मतदाता नई सीमाओं में बंट चुके हैं।
इससे ग्रामीणों को अपने नाम खोजने में अत्यधिक परेशानी हो रही है।
शहर में 245 BLA तैनात—सभी का प्रशिक्षण पूरा
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 245 बीएलए की नियुक्ति और प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने कहा—
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लोगों को 2003 की सूची में नाम खोजने में दिक्कत आ रही है।
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बड़ी संख्या में लोग BLA और कांग्रेस कार्यालय से मदद मांग रहे हैं।
टीम लगातार सहयोग कर रही है।
विधायकों ने उठाई गंभीर समस्याएँ: फॉर्म की कमी, पलायन, अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव
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किसानों की धान कटाई के कारण गांवों में पलायन बढ़ा है।
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ऐसे में 4 दिसंबर की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।
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इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा गया है।
मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया
उन्होंने बताया—
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कई क्षेत्रों में फॉर्म उपलब्ध ही नहीं हैं।
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कुछ जगहों पर केवल पहला कॉलम भरा जा रहा है, बाकी खाली छोड़े जा रहे हैं।
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2003 की सूची में जिनका नाम है, उनका दूसरा कॉलम भी भरना जरूरी है—लेकिन प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इसे उन्होंने गंभीर त्रुटि बताया।
बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में प्रभारी विजय जांगिड़, शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, विधायक अटल श्रीवास्तव, विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
साथ ही पार्टी के कई पदाधिकारी—
सियाराम कौशिक, राजेंद्र शुक्ला, प्रमोद नायक, राजेंद्र साहू, प्रेम जायसी, पंकज सिंह, शिवा मिश्रा, देवेंद्र सिंह, महेंद्र गंगोत्री, सिद्धांशु मिश्रा, शिबली मिराज, आत्मजीत मक्कड़, अशोक राजवाल, भरत कश्यप, नरेंद्र बोलर, शेख नजीरुद्दीन, जितेंद्र पांडेय, ऋषि पांडेय, समीर अहमद, गीतांजलि कौशिक, सुकृति खूंटे, प्रीति पाटनवार, लक्ष्मीनाथ साहू, आदित्य दीक्षित, अनिल यादव, शीतल दास मानिकपुरी, नीरज जायसवाल, शीतल जायसवाल, विनोद साहू, मोती ठारवानी, आकाश यादव, अमित पांडेय, हिमांशु कश्यप, साखन दरवे, अभ्युदय तिवारी, अमित तिवारी, पवन साहू, सुनील सोनकर, मिश्रा गांधी बंजारे, शेख निजामुद्दीन, जितेंद्र कौशिक, आशीष शर्मा, अमित यादव, रवि रावत, अनस खोखर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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