Social Activity BSP
कोरबा, 01 नवंबर (Social Activity BSP):
महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला एक महत्वपूर्ण निर्णय कोरबा की फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट से सामने आया है। अपर सत्र न्यायालय कोरबा ने बहू से छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में पति, ससुर और जेठ को दोषी करार देते हुए सज़ा सुनाई है।
घटना का विवरण
घटना उरगा थाना क्षेत्र की है। दिनांक 6 मार्च 2025 की रात करीब 8 बजे, पीड़िता अपने ससुराल में कमरे में थी। पति खाना खाकर बाहर घूमने निकला था। उसी दौरान पीड़िता का जेठ हरप्रसाद पटेल कमरे में घुस आया और दरवाजा बंद कर उसे पकड़कर अश्लील हरकत व छेड़छाड़ करने लगा।
पीड़िता ने विरोध किया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी, जिसके बाद आरोपी जेठ कमरे से बाहर निकल गया।
चिल्लाने की आवाज सुनकर पीड़िता के ससुर नारायण पटेल, पति सुनील कुमार पटेल और सास मौके पर पहुंचे। पीड़िता ने पूरी घटना बताई कि जेठ पहले भी उससे अश्लील बातें कर चुका था।
इसी बीच आरोपी जेठ वापस आया और आरोप लगाने पर गंदी गालियां देते हुए पीड़िता से मारपीट करने लगा। वहीं पति और ससुर ने भी “घर की बदनामी करती हो” कहकर पीड़िता को पीटा, जिससे उसे चोटें आईं।
एफआईआर और अदालत की कार्रवाई
पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने जेठ के खिलाफ धारा 74, 75(2), 296, 115(2)
जबकि पति व ससुर के खिलाफ धारा 296, 115(2) व 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी ने अदालत में मजबूत साक्ष्य और दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने दोषियों को निम्न सज़ाएं सुनाईं—
| आरोपी | धारा | सज़ा |
|---|---|---|
| जेठ — हरप्रसाद पटेल (41) | धारा 74 | 1 वर्ष कैद + ₹1000 जुर्माना |
| धारा 75(2) | 1 वर्ष कैद + ₹1000 जुर्माना | |
| धारा 115(2) | न्यायालय उठने तक की सज़ा + ₹1000 जुर्माना | |
| पति — सुनील कुमार पटेल (28) | धारा 115(2), 3(5) | न्यायालय उठने तक की सज़ा + ₹1000 जुर्माना |
| ससुर — नारायण पटेल (65) | धारा 115(2), 3(5) | न्यायालय उठने तक की सज़ा + ₹1000 जुर्माना |
न्यायालय की टिप्पणी
अपर सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने कहा कि
“घर के भीतर ही महिलाओं पर अत्याचार समाज पर कलंक है। कानून महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और न्याय मिलेगा — चाहे आरोपी परिवार का ही क्यों न हो।”
समाज के लिए संदेश
यह फैसला दो मजबूत संदेश देता है—
✅ महिलाएँ अब चुप नहीं रहें, आवाज उठाएँ — कानून आपके साथ है।
✅ परिवार में महिला पर अत्याचार करने वालों को भी सख्त सज़ा मिल सकती है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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