Social Activity BSP
रायचूर (Social Activity BSP)।
मस्लक-ए-अशरफ़िया की सरपरस्ती में आगामी 17, 18 और 19 दिसंबर 2025 को रायचूर में आयोजित होने जा रहा है तीन दिवसीय "उर्से Husaini व मशाइख-ए-रायचूर कॉन्फ्रेंस", जिसकी तैयारियाँ पूरे ज़ोर–शोर से अंतिम चरण में हैं। यह कार्यक्रम हज़रत सैय्यद मुहम्मद हुसैनी मियां अशरफ़ी की सरपरस्ती और हज़रत सैय्यद मुहम्मद अजीज़ुल्लाह हुसैनी (सज्झादा नशीन) की निगरानी में संपन्न होगा।
📅 कार्यक्रम का विस्तृत विवरण
🔹 17 दिसंबर 2025
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शाम बेयानात
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बाद नमाज़-ए-मगरिब महफ़िल
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कराची, मुंबई, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक आदि से आए उलमा-ए-किराम के बेयान
🔹 18 दिसंबर 2025
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दिन भर सत्संग, नात, तक़रीर
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मुल्कभर से आए अइम्मा व मशाइख का जमावड़ा
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इस्लामी इल्म और अहबाब की महफ़िलों का आयोजन
🔹 19 दिसंबर 2025
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कुल शरीफ़ का आयोजन
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सलातो-सलाम व दुआएं
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लाखों अकीदतमंदों की शिरकत की संभावना
🌟 बड़े बुज़ुर्ग और उलमा-ए-किराम की शिरकत
इस तीन दिवसीय उर्स में देश के प्रसिद्ध उलमा और सुफिया-ए-किराम की बड़ी तादाद में शिरकत तय है। जिनमें प्रमुख नाम हैं:
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इजाजत–नामा लिए हुए मशहूर ओरीटर
हुज़ूर सय्यद शाह चांद हुसैनी अशरफ़ी -
शहरों से तशरीफ़ लाने वाले उलेमा-ए-किराम
सय्यद गयासुद्दीन क़ादरी (बिहलूर हुसैनी अशरफ़ी)
सय्यद मुहम्मद हसनैन मियां हुसैनी अशरफ़ी (बरेली शरीफ़)
सय्यद रिजवान रिफ़ाई (कर्नाटक)
अब्बू मुहम्मद ग़ाज़ी (कर्नाटक)
क़ारी मुहम्मद रहीम अशरफ़ी
आदि।
📌 कार्यक्रम की विशेषताएँ
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नात–ख़्वानी
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इस्लाही बेयानात
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महफ़िल-ए-ज़िक़्र
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सूफी कल्चर और अमन–ए–संदेश का प्रचार
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मुल्कभर से आने वाले अकीदतमंदों की शिरकत
मुख्य आयोजन स्थल को फूलों, रोशनी और इस्लामी कलाकारी से सजाया जा रहा है। आयोजनकर्ताओं के अनुसार, इस साल रिकॉर्ड संख्या में अकीदतमंद पहुँचने की उम्मीद है।
📞 आयोजकों ने की यह अपील
महफ़िल के संयोजक सैय्यद मुहम्मद अजीज़ुल्लाह हुसैनी ने सभी अकीदतमंदों से समय पर पहुँचने की अपील करते हुए बताया कि आने-जाने और ठहरने की पूर्ण व्यवस्था की गई है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद






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