Social Activity BSP
बिलासपुर। (Social Activity BSP)
बिलासपुर में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के बीच ‘फॉर्म-7’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि फॉर्म-7 के जरिए सुनियोजित ढंग से कांग्रेस समर्थित और अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला” करार दिया है।
120 मुस्लिम मतदाताओं को टारगेट करने का आरोप
ज्ञापन में दावा किया गया है कि एक ही वार्ड के करीब 120 मुस्लिम मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज कर उन्हें हटाने का प्रयास किया गया है। विशेष रूप से बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 55-56 के तीन बूथों का उल्लेख किया गया है—
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बूथ क्रमांक 191 – 10 मतदाता
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बूथ क्रमांक 192 – 15 मतदाता
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बूथ क्रमांक 193 – 92 मतदाता
कांग्रेस का कहना है कि कुल 117 मतदाताओं के खिलाफ फॉर्म-7 भरे गए हैं, जबकि इनका भौतिक सत्यापन पहले ही हो चुका है और वे वर्षों से उसी पते पर निवासरत हैं।
चांटीडीह बना विवाद का केंद्र
कांग्रेस ने बेलतरा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके का विशेष उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 से लगातार मतदाता सूची में दर्ज हैं, उनके खिलाफ भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं। पार्टी का कहना है कि संबंधित मतदाताओं ने SIR प्रक्रिया के तहत सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए हैं और बीएलओ द्वारा सत्यापन भी किया जा चुका है।
SIR प्रक्रिया पर सवाल
ज्ञापन में कहा गया है कि जब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत बीएलओ द्वारा दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन किया जा चुका है, तो दोबारा फॉर्म-7 भरने का औचित्य क्या है? कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कुछ स्थानों पर बीएलओ पर “ऊपर से दबाव” बताकर फॉर्म स्वीकार करने के लिए बाध्य किया गया।
विजय केशरवानी ने कहा कि SIR अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है और इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट तक रैली, सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा कांग्रेस भवन, तिलक नगर से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची में “एकतरफा कार्रवाई” की गई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार SIR प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत नियमानुसार संचालित की जा रही है। 14 फरवरी तक आपत्तियों की सुनवाई और 21 फरवरी को अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है।
बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
मतदाता सूची को लेकर उठे इस विवाद ने जिले की राजनीति में गर्माहट ला दी है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में सुनवाई और अंतिम सूची प्रकाशन के बीच यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें निर्वाचन प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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