चकरभाठा में 34 ग्राम हेरोइन जब्त, पंजाब के खेमकरण से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्रोन से गिरती खेप, वहीं से छत्तीसगढ़ तक सप्लाई का खुलासा

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बिलासपुर | 15 फरवरी 2026

बिलासपुर पुलिस ने चकरभाठा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 34 ग्राम हेरोइन बरामद की है। जांच में सामने आया कि इस सप्लाई नेटवर्क के तार सीधे पंजाब के तरण तारण जिले के खेमकरण गांव से जुड़े हैं, जो पाकिस्तान बॉर्डर से महज 200 मीटर दूर स्थित है।

पुलिस ने एसीसीयू टीम को पंजाब भेजकर मुख्य सप्लायर बाला उर्फ बलराम सिंह सनियारे (63) को गिरफ्तार किया। जिला न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को करीब 1500 किलोमीटर दूर बिलासपुर लाया जा रहा है, जहां उसे एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया जाएगा।


चकरभाठा से बॉर्डर तक पहुंची जांच

पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि चकरभाठा इलाके में पंजाब से हेरोइन लाकर खपाई जा रही है। एसीसीयू ने पाइंटर फिक्स कर आरोपियों से संपर्क साधा। 3000 रुपये में आधा ग्राम हेरोइन का सौदा तय हुआ।

आरोपी व्हाट्सएप पर कोडवर्ड में बातचीत कर पाइंटर को चकरभाठा स्थित एक होटल के पास बुलाए। जैसे ही हेरोइन की डिलीवरी देने मोहित हिंदुजा पहुंचा, पुलिस ने उसे मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद होटल से करण दीप सिंह और रजिन्दर कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों के पास से कुल 34 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।

मोबाइल फोन से मिले तकनीकी साक्ष्यों और चैट रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस मुख्य सप्लायर तक पहुंची।


बॉर्डर से 200 मीटर दूर गिरफ्तारी

एसीसीयू की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से तरण तारण जिले के खेमकरण गांव पहुंची। यह गांव पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ है।

मुख्य सप्लायर बाला उर्फ बलराम सिंह सनियारे अपने घर पर नशे की हालत में मिला। पूछताछ में उसने ड्रग्स सप्लाई से इनकार किया, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया। शनिवार दोपहर ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद टीम ट्रेन से बिलासपुर के लिए रवाना हुई।

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि एंड-टू-एंड जांच के जरिए पंजाब तक नेटवर्क ट्रेस किया गया। आरोपी का बड़ा बेटा पहले से हेरोइन तस्करी के मामले में जेल में बंद है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।


ड्रोन से गिरते पैकेट, बॉर्डर गांव बने हॉटस्पॉट

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान से सटे भारतीय गांवों में अंतरराष्ट्रीय गिरोह ड्रोन के जरिए नशे के पैकेट गिरा रहे हैं। सीमा सुरक्षा में Border Security Force लगातार गश्त और निगरानी कर रही है।

पंजाब पुलिस पूर्व में बॉर्डर क्षेत्र से ड्रोन बरामद कर चुकी है और पैकेट उठाने वालों पर कार्रवाई भी की गई है।


गांव की 80% आबादी नशे की चपेट में

जिस गांव तक टीम पहुंची, वहां की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी नशे की गिरफ्त में बताई जा रही है। युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी इसकी चपेट में हैं।

कुछ स्थानीय लोग हेरोइन, ड्रग्स और एमडीएमए जैसे नशीले पदार्थ देश के विभिन्न हिस्सों, जिनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है, तक सप्लाई करने में सक्रिय बताए जा रहे हैं।


छोटे शहरों में ड्रग्स पैडलिंग का तरीका

  • बड़े राज्यों से छोटे पैकेट में खेप भेजी जाती है

  • सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर कोडवर्ड में बातचीत

  • होटल, ढाबा या पब्लिक प्लेस पर डिलीवरी

  • थोक सप्लायर से लोकल पैडलर तक बहुस्तरीय नेटवर्क

  • डिजिटल पेमेंट और कैश दोनों का इस्तेमाल


ड्रग्स सप्लाई चेन का मैकेनिज्म

पाकिस्तान बॉर्डर (ड्रोन/फेंके गए पैकेट)

पंजाब के बॉर्डर गांवों में रिसीविंग

स्थानीय सप्लायर

इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट

छोटे शहरों में लोकल नेटवर्क

खुदरा बिक्री


एनडीपीएस के तहत कार्रवाई

तीनों स्थानीय आरोपियों पर Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पंजाब से पकड़े गए मुख्य सप्लायर को बिलासपुर लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

चकरभाठा में 34 ग्राम हेरोइन की बरामदगी से शुरू हुई कार्रवाई ने पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़े इंटरस्टेट सप्लाई नेटवर्क का खुलासा कर दिया है। बिलासपुर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की शेष कड़ियों को खंगालने में जुटी है।



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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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