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बिलासपुर, 18 फरवरी। उच्च न्यायालय ने VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता शिक्षक को अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
बेमेतरा जिले के शिक्षक कमलेश सिंह बिसेन ने निजी मोबाइल फोन में VSK ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने के निर्देश को अदालत में चुनौती दी है। उनका तर्क है कि किसी थर्ड पार्टी ऐप को बाध्यकारी रूप से लागू करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। साथ ही, निजी संसाधनों जैसे व्यक्तिगत मोबाइल का शासकीय कार्यों के लिए अनिवार्य उपयोग करना भी विधिसम्मत नहीं है।
मामले की सुनवाई जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की एकल पीठ में हुई। अदालत ने याचिकाकर्ता के तर्कों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक शिक्षक को VSK ऐप डाउनलोड करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और न ही उनके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शिक्षक कमलेश सिंह बिसेन ने स्वयं ही अपने मामले की पैरवी की और शिक्षकों की निजता एवं अधिकारों से जुड़े मुद्दों को अदालत के समक्ष रखा। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई पर शिक्षा विभाग और शिक्षकों की निगाहें टिकी हैं।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद
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