सीपत: जंगल की रखवाली फेल… वन विभाग बेखबर, सागौन तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, लकड़ी सहित 5 आरोपी गिरफ्तार
bySheikh Sarfaraz Ahamad
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बिलासपुर, 28 फरवरी (Social Activity BSP)।
थाना सीपत क्षेत्र में कीमती सागौन लकड़ी की तस्करी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला ग्राम नवापारा-जेवरा के जंगल का है, जहां से सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई कर लकड़ी चोरी कर पिकअप वाहन में भरकर बाहर ले जाया जा रहा था।
पुलिस को 26 फरवरी 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग जंगल में लगे सागौन पेड़ों को काटकर लकड़ी पिकअप वाहन में लादकर जांजगीर जिले की ओर रवाना हो रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना सीपत पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पन्नी से ढका पिकअप वाहन क्रमांक CG-11 AB-0612 संदिग्ध अवस्था में मिला। वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें 16 नग सागौन लकड़ी के लट्ठे बरामद हुए। मौके से पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
16 नग सागौन लकड़ी के लट्ठे (कीमत ₹65,827)
डीजल आरा मशीन व ब्लेड (कीमत ₹6,000)
पिकअप वाहन (कीमत लगभग ₹1,50,000)
जब्त किया है। कुल जब्ती की कीमत करीब ₹2.21 लाख आंकी गई है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस क्षेत्र से पेड़ों की कटाई की गई, वहां वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तस्करों को रंगे हाथों पकड़ लिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में लंबे समय से अवैध कटाई की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।
रामचंद कुर्रे (41 वर्ष), निवासी बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
संतोष कुमार (50 वर्ष), निवासी बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
जय सिंह ओगरे (62 वर्ष), निवासी ठरगा बहरा, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
लिल्लू राम पटेल (56 वर्ष), निवासी महुदा, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
रघुवीर सिंह मरावी (40 वर्ष), निवासी महुदा, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पुलिस की तत्परता न होती तो लाखों रुपये की कीमती सागौन लकड़ी तस्करों के हाथों बिक चुकी होती। अब देखना होगा कि वन विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और अवैध कटाई पर लगाम लगाने के लिए क्या रणनीति तैयार करता है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद