Social Activity BSP
रायपुर, 12 मार्च(Social Activity BSP)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत और महंगाई को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण आसंदी को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
शून्यकाल में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने युद्ध की स्थिति के बावजूद गैस की कमी नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब कई जगहों पर गैस की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विषय केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है और इसकी चर्चा विधानसभा में नहीं होनी चाहिए।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भले ही यह मुद्दा केंद्र से जुड़ा हो, लेकिन व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोग गैस सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े हैं और कई जगहों पर कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि व्यवसायिक गैस की आपूर्ति बंद होने से होटल और आयोजनों में परेशानी बढ़ गई है। शादी का सीजन चल रहा है और बिना गैस के खाना बनाना मुश्किल हो रहा है।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव की मांग की, लेकिन आसंदी से अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी विपक्ष ने विरोध जारी रखा। लगातार हंगामे के बीच विपक्ष के 35 सदस्य स्वतः निलंबित हो गए।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद

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