Social Activity BSP
बिलासपुर, 05 मार्च 2026(Social Activity BSP)। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने मुंगेली जिले के प्रसिद्ध अचानकमार टाइगर रिजर्व का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी का आनंद लिया और वनांचल के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना करते हुए वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
दौरे के दौरान राज्यपाल ने जंगल के प्राकृतिक वातावरण और जैव विविधता को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्राकृतिक क्षेत्र न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।
राज्यपाल ने आदिवासी अंचल की महिलाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की भी सराहना की। उन्होंने बैगा और गोंड जनजाति की पारंपरिक ट्राइबल पेंटिंग्स और स्थानीय हस्तशिल्प को विशेष रूप से सराहा। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय कला और संस्कृति इस क्षेत्र की पहचान है और इसे संरक्षित तथा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने सिहावल क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को और सशक्त बनाने के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही जंगली हाथियों के प्रशिक्षण और प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
दौरे के दौरान अचानकमार टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने राज्यपाल को जानकारी दी कि यह क्षेत्र हिरण, हाथी और बाघ सहित कई वन्य प्राणियों का प्रमुख आवास क्षेत्र है। साथ ही मुंगेली जिले का सिहावल क्षेत्र मनियारी नदी का उद्गम स्थल भी माना जाता है, जो इस क्षेत्र की प्राकृतिक महत्ता को और बढ़ाता है।
इस अवसर पर मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने राज्यपाल को जनजातीय कला पर आधारित स्मृति चिन्ह और प्राकृतिक कोसे से निर्मित शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में फील्ड डायरेक्टर अभिषेक सिंह, एडीसी ओम भविष्यकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीडी एटीआर यू.आर. गणेशन, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय सहित स्वास्थ्य, लोक निर्माण, खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद

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