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बिलासपुर, 23 अप्रैल 2026। जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विभिन्न निर्माण एजेंसियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित रेलवे, एनटीपीसी और एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मिट्टी और मुरूम की अव्यवस्थित व्यवस्था पर चिंता जताते हुए इसे सुनियोजित ढंग से उपलब्ध कराने की नई योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ठेकेदार अलग-अलग स्थानों से असंगठित तरीके से सामग्री जुटाते हैं, जिसे अब व्यवस्थित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण जिले के कई तालाब सूख चुके हैं और अधिकांश उथले हैं। ऐसे में तालाबों के गहरीकरण से निकली मिट्टी और मुरूम का उपयोग निर्माण कार्यों में किया जाएगा। इससे जहां निर्माण कार्यों को गति मिलेगी, वहीं जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। आगामी डेढ़ से दो माह में करीब 200 तालाबों के गहरीकरण का लक्ष्य रखा गया है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गहरीकरण कार्यों के लिए मशीनों का उपयोग किया जा सकता है, जिसके लिए पंचायतों से विधिवत अनुमति ली जाएगी। साथ ही उन्होंने सब इंजीनियरों को सख्त निर्देश दिए कि सामग्री केवल निर्धारित स्थानों से ही लाई जाए, अन्यथा अवैध परिवहन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कलेक्टर ने तालाबों के किनारों पर वृक्षारोपण करने की अपील की। उन्होंने पीपल, बरगद और आम जैसे पौधे लगाने की सलाह देते हुए इसे सीएसआर गतिविधियों से जोड़ने को कहा।
इसके अलावा उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को तय समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी और निजी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं होना चाहिए और हर कार्य पारदर्शिता के साथ किया जाए, क्योंकि यह जनता के कर का पैसा है।
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों की गुणवत्ता बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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