Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP)। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को शहर में भव्य रैली और गरिमामय मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां बाबा साहेब के अनुयायियों के साथ आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सुबह से शुरू हुए कार्यक्रम, रैली में उमड़ा जनसैलाब
अंबेडकर जयंती के मौके पर सुबह से ही विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई थी, जो देर रात तक जारी रही।
दोपहर 4 बजे शहर में निकाली गई विशाल रैली में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। रैली में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक झलक देखने को मिली, जहां आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा और जय भीम के गूंजते नारों ने माहौल को ऊर्जावान बना दिया।
जगह-जगह स्वागत, पुष्प वर्षा से हुआ अभिनंदन
रैली के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे। यहां समाज के लोगों ने पुष्प वर्षा कर रैली में शामिल प्रतिभागियों का जोरदार स्वागत किया।
युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
मंचीय कार्यक्रम में दिग्गजों की मौजूदगी
संध्या में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक अमर अग्रवाल उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बस्तर कमिश्नर महादेव कावरे ने की।
विशिष्ट अतिथियों में महापौर पूजा विधानी, आई.ई.एस दिलीप वासनीकर और पार्षद वंदना महेश चंद्रिकापुरे शामिल रहीं।
विचारों को अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबा साहेब के संघर्ष, उनके विचारों और समाज को दिए गए अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।
सभी ने एक स्वर में समता, न्याय और बंधुत्व पर आधारित समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
22 समाजों की भागीदारी, मजबूत एकता का संदेश
इस भव्य आयोजन का नेतृत्व बौद्ध समाज बिलासपुर के अध्यक्ष सारंग राव हुमने ने किया। उनके साथ लगभग 22 विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
निष्कर्ष
👉 पूरे दिन चले इस आयोजन ने न केवल बाबा साहेब के प्रति श्रद्धा प्रकट की, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का मजबूत संदेश भी दिया।
👉 बिलासपुर में अंबेडकर जयंती का यह आयोजन जनभागीदारी और उत्साह का एक यादगार उदाहरण बन गया।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद



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