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भयावह मंजर: आग, धुआं और चीख-पुकार
विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार छा गया। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जहां मजदूर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्रों में भी उसकी आवाज सुनाई दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
घटना पर Narendra Modi ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
- मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख
- घायलों को ₹50 हजार
की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
हादसे के बाद पूरे प्लांट को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटना घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
👉 इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
👉 विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
निष्कर्ष
👉 सक्ती का यह हादसा प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में से एक बन गया है।
👉 फिलहाल सभी की नजरें राहत कार्य, घायलों के इलाज और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस हादसे की असली वजह सामने आ सके।
(अपडेट जारी…)
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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