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बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र स्थित आसमा सिटी कॉलोनी में सामने आया नाबालिग चोरी का मामला अब एक बड़े और सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआत में घर के भीतर हुई चोरी तक सीमित यह मामला अब धमकी, अवैध वसूली, मानसिक प्रताड़ना और मारपीट जैसे गंभीर आरोपों में बदल गया है।SSP से शिकायत, सतीश मिश्रा पर लगे गंभीर आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब दो नाबालिगों के परिवारों ने एसएसपी से शिकायत करते हुए सतीश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया है कि—
नाबालिगों को धमकाकर लाखों रुपये की वसूली की गई
दोस्ती के नाम पर जाल बिछाकर दबाव बनाया गया
मना करने पर जान से मारने की धमकी दी गई
बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई
एक परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी खुद को “पंडित” बताकर जादू-टोना की धमकी देता था, जिससे बच्चे मानसिक तनाव में आ गए।
महिला से अभद्रता और मारपीट का आरोप
एक पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने बेटे को बचाने पहुंची, तो उसके साथ गाली-गलौच, धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
कैसे शुरू हुआ मामला?
25 फरवरी 2026 को सतीश मिश्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर की अलमारी से सोने के जेवर गायब हो गए हैं और उनकी जगह नकली गहने रखे गए हैं।
जांच में सामने आया कि यह चोरी घर के नाबालिग बेटे ने ही की थी।
नाबालिग का खुलासा
पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि—
उसने जेवर गिरवी रखे
दोस्तों की उधारी चुकाई
और शौक पूरे करने में पैसे खर्च किए
ATM से निकाले ₹1.85 लाख
मामले में यह भी सामने आया कि नाबालिग ने अपनी मां के एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर करीब ₹1.85 लाख निकाले, जिन्हें उधारी और निजी खर्चों में खर्च किया गया।
पिता vs पुलिस – बयान में टकराव
इस पूरे मामले में प्रार्थी और पुलिस के बीच भी मतभेद सामने आ रहे हैं—
पिता का दावा: बेटा दबाव और धमकी में आकर यह सब कर रहा था
पुलिस का कहना: प्रार्थी लगातार बयान बदल रहा है और जांच को गुमराह कर रहा है
समझौते की परत
सूत्रों के अनुसार—
जेवर वापस कर दिए गए
व्यापारियों से समझौता हुआ
और कानूनी कार्रवाई से दूरी बनाई गई
लेकिन समझौते के बाद भी विवाद बढ़ने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल
समझौते के बाद फिर विवाद क्यों बढ़ा?
क्या यह दबाव का मामला है या गलत संगति का असर?
परिजनों की मांग
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि—
पूरे मामले में FIR दर्ज की जाए
बैंक और कॉल रिकॉर्ड की जांच हो
निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए
और परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए
निष्कर्ष
👉 यह मामला अब केवल चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज, परिवार और व्यवस्था—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
👉 फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि असली सच अब जांच के बाद ही सामने आएगा।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद
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