Social Activity BSP
बिलासपुर(Social Activity BSP)। बेलतरा क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। हाल ही में हुई घटनाओं के बाद प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित करने के फैसले का कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने स्वागत किया है।
अंकित गौरहा ने कहा कि बेलतरा में लंबे समय से खनन माफियाओं का दबदबा बना हुआ है और कई बार गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने सरवन देवरी रेत घाट में नायब तहसीलदार पर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो हालिया हादसों को रोका जा सकता था।
उन्होंने नाबालिग अमित कश्यप की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे क्षेत्र में लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गौरहा के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में अवैध खनन से जुड़े हादसों में 17 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और युवा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिले में केवल 4 रेत घाट स्वीकृत हैं, जबकि 24 से अधिक स्थानों पर अवैध रूप से खनन जारी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यदि संयुक्त टीम निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई करती है, तो वे सरकार और प्रशासन का आभार जताएंगे। वहीं, यदि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है, तो कांग्रेस इस मुद्दे को और जोर-शोर से उठाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी अवैध खनन को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि तेज रफ्तार डंपर, असुरक्षित खनन और प्रशासन की उदासीनता के कारण जनजीवन खतरे में है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मुद्दे पर कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है और क्या वास्तव में खनन माफियाओं पर अंकुश लग पाता है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद
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