Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP) | छत्तीसगढ़ में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन के तहत अब तक 1.70 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें 3.38 लाख से अधिक वाहक (AS) और 27,600 से ज्यादा मरीज (SS) चिन्हित किए गए हैं।
अभियान के अंतर्गत 1 करोड़ से अधिक लोगों को जेनेटिक स्टेटस कार्ड वितरित किए गए हैं, जिससे विवाह पूर्व इस बीमारी के जोखिम की पहचान संभव हो सके। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिससे इस आनुवंशिक बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।
रायपुर स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल की रिसर्च यूनिट द्वारा सिकल सेल की पहचान के लिए नई डायग्नोस्टिक किट विकसित की गई है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी प्राप्त हुई है। राज्य सरकार द्वारा सभी चिन्हित मरीजों को नि:शुल्क दवाएं, परामर्श और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
सिकल सेल के उपचार में हाइड्रॉक्सीयूरिया, वोक्सलोटोर, क्रिज़नलिज़ुमाब और एल-ग्लूटामाइन जैसी दवाएं उपयोग में लाई जा रही हैं। वहीं गंभीर मामलों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और जीन थेरेपी जैसे उन्नत उपचार विकल्प भी उपलब्ध हैं।
इसी क्रम में बिलासपुर के उदय चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में 6 मई 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक सिकल सेल और थैलेसीमिया मरीजों के लिए नि:शुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में मुफ्त जांच, परामर्श और एचएलए टेस्ट की सुविधा दी जाएगी, साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को सिकल सेल मुक्त बनाना है। व्यापक स्क्रीनिंग, मुफ्त इलाज और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




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