Social Activity BSP
धार (Social Activity BSP)। भोजशाला मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के हालिया फैसले के बाद धार में क़ाज़ी-ए-शहर के साथ TAHAFFUZ-E-NAMOOS-E-RISALAT ACTION TRUST (TNRAT) मध्यप्रदेश टीम की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की कानूनी प्रक्रिया और आगे की रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान TNRAT प्रतिनिधियों ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद मामले की संवैधानिक समीक्षा आवश्यक मानी जा रही है। संगठन का मत है कि Places of Worship Act, 1991 तथा संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर इस विषय को सर्वोच्च न्यायालय में रखा जाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, TNRAT मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश सचिव और टीम के अन्य सदस्य धार पहुंचे, जहां उन्होंने क़ाज़ी-ए-शहर से मुलाकात कर भोजशाला मामले पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कानूनी पक्षों और आगे की संभावित प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की दिशा में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन की ओर से आश्वस्त किया गया कि इस मामले में हरसंभव कानूनी सहयोग और लीगल सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।
इस दौरान फोन कॉल के माध्यम से क़ाज़ी-ए-शहर की बातचीत TNRAT के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद साबिर रज़वी से भी कराई गई। उन्होंने भी मामले में आवश्यक कानूनी सहयोग देने और सुप्रीम कोर्ट तक प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाने का भरोसा जताया।
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया संविधान और कानून के दायरे में रहकर आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




.jpeg)

