Social Activity BSP
रायगढ़ (Social Activity BSP) | गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” के तहत रायगढ़ पुलिस ने अप्रैल माह में बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 251 गुम इंसानों को दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया है। इनमें 36 नाबालिग और 215 बालिग शामिल हैं। इस अभियान के चलते कई बिछड़े परिवारों के चेहरों पर फिर से खुशी लौट आई है।
अभियान के दौरान नाबालिगों से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। जिले के सभी थाना प्रभारियों ने लगातार प्रयास करते हुए न केवल जिले में बल्कि अन्य जिलों और राज्यों तक पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित वापस लाया। जालंधर (पंजाब), अंबिकापुर, डभरा और चंद्रपुर जैसे स्थानों से भी गुम बालक-बालिकाओं की सकुशल बरामदगी की गई।
जिन मामलों में नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने या उनके शोषण की पुष्टि हुई, उनमें आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई। जूटमिल, पूंजीपथरा और कोतवाली थाना क्षेत्रों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई अहम मामलों का खुलासा किया और पीड़ितों को सुरक्षित बरामद किया।
थाना स्तर पर प्रदर्शन की बात करें तो लैलूंगा थाना ने सबसे अधिक 42 गुम इंसानों को खोज निकाला। इसके बाद चक्रधरनगर (29), जूटमिल (27), पूंजीपथरा (24), कोतवाली और पुसौर (23-23) सहित अन्य थानों ने भी सक्रियता दिखाते हुए उल्लेखनीय कार्य किया। वहीं, दर्ज मामलों के अनुपात में भूपदेवपुर थाना का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जहां सभी नाबालिगों को खोज निकाला गया।
अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित किया गया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी उन्नति ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों की विशेष मॉनिटरिंग रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि गुम नाबालिगों और महिलाओं की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने या उनका शोषण करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों और उनके सोशल संपर्कों पर नजर रखें।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद




.jpeg)

