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मंच के संयोजक सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि बिलासपुर में आवासीय परियोजनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जागरूकता और प्रभावी प्रबंधन के अभाव में रहवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और समाधान के लिए मंच का गठन किया गया है।
मंच के अनुसार हाल ही में राज्य शासन द्वारा 20 मई 2026 को आवासीय सहकारी सोसायटियों की नई उपविधियां जारी की गई हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन संशोधित नियमों का उद्देश्य सोसायटियों को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
प्रमुख प्रावधान और बदलाव
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पंजीकृत इकाई धारक का सोसायटी का सदस्य होना अनिवार्य होगा। फ्लैट या मकान की बिक्री होने पर नए खरीदार को भी सदस्यता लेना आवश्यक रहेगा। सोसायटी द्वारा निर्धारित मासिक और वार्षिक रखरखाव शुल्क का भुगतान समय पर करना होगा तथा बकाया होने पर अतिरिक्त शुल्क भी लिया जा सकेगा।
किसी भी फ्लैट या मकान को किराए अथवा लीज पर देने से पहले सोसायटी और स्थानीय थाने को सूचना देना अनिवार्य होगा। वहीं बिक्री, किराया या लीज से पूर्व सोसायटी के समस्त देयकों का भुगतान भी करना होगा।
सोसायटी की अनुमति के बिना भवन की मूल संरचना में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। किसी प्रकार के निर्माण परिवर्तन के लिए सोसायटी और स्थानीय निकाय से स्वीकृति लेना आवश्यक होगा। इसके अलावा प्रत्येक सदस्य को अपनी इकाई के रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि अन्य निवासियों या परिसर को नुकसान न पहुंचे।
अवैध निर्माण और रखरखाव पर सख्ती
मंच ने बताया कि यदि किसी सोसायटी के कॉमन एरिया में अवैध निर्माण किया जाता है तो नगर निगम और जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है। रखरखाव शुल्क नहीं देने वाले सदस्यों के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
नगर निगम आयुक्त से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे सोसायटियों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि बिल्डरों ने स्वीकृत नक्शे और वादे के अनुरूप सुविधाएं प्रदान की हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांच हो कि परियोजनाओं का हस्तांतरण नियमानुसार सोसायटियों को किया गया है या नहीं।
मंच से जुड़ने की अपील
पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने बिलासपुर की सभी आवासीय कॉलोनियों, अपार्टमेंट्स और सोसायटी समूहों से अपने-अपने आवासीय सहकारी समितियों को सक्रिय रूप से पंजीकृत कराने तथा नए नियमों का लाभ उठाने की अपील की है। मंच का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से ही आवासीय परिसरों की समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है और रहवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं।
मंच ने राज्य सरकार से भी अनुरोध किया है कि संशोधित उपविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि आवासीय सोसायटियों में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद
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