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बिलासपुर। शहर के जवाली नाले के किनारे बसे इलाकों में शनिवार को नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने करीब 40 से अधिक मकान, दुकानें और बाउंड्री वॉल को तोड़ते हुए कब्ज़ा हटाने का दावा किया। कार्रवाई के दौरान लोगों का विरोध और विवाद का माहौल बना रहा।
“30 साल पुरानी रजिस्ट्री है” — स्थानीयों का विरोध
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू होते ही प्रभावित लोगों ने प्रशासन को घेर लिया। उनका कहना था—
> “हमारी जमीन नंबरी है… रजिस्ट्री 30 साल पुरानी है। फिर हमारे घर क्यूं तोड़े जा रहे हैं?”
लेकिन अधिकारियों ने नाले के सीमांकन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर हुए निर्माणों को हटाना कोर्ट आदेश के अनुसार अनिवार्य है।
सीमांकन रिपोर्ट: 3 से 50 फीट तक कब्ज़ा
चार आरआई, पाँच पटवारी और एक सब-इंजीनियर की टीम ने हाईकोर्ट के निर्देश पर नाले की नापजोख की थी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि—
कई निर्माण 3 से 7 फीट तक
जबकि कुछ 50 फीट तक नाले पर फैले हुए हैं
इसी रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को नोटिसधारकों पर बुलडोज़र चलाया गया।
“बिल्डर को फायदा पहुंचाने की साज़िश” — आरोप
स्थानीयों ने गंभीर आरोप लगाए कि यह कार्रवाई पूरी तरह चयनित और पक्षपातपूर्ण है।
लोगों का दावा है—
नाले के पास की 4 एकड़ जमीन 40 करोड़ रुपये में एक बिल्डर को बेच दी गई है
उस जमीन पर कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण होना है
लेकिन सड़क सिर्फ 20 फीट चौड़ी है, जबकि नियम के मुताबिक 40 फीट जरूरी है
> “रईस और रसूखदारों के निर्माण बचा लिए, आम लोगों के घर ढहाए जा रहे हैं।”
स्थानीयों ने यह भी आरोप लगाया कि सीमांकन रिपोर्ट की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
कुछ निर्माणों पर कार्रवाई रुकी—भेदभाव के सवाल
आरोप है कि प्रशासन ने पहले भी कुछ लोगों के निर्माण पर कार्रवाई की थी,
लेकिन प्रभावशाली नामों — जैसे प्रकाश आडवाणी, गोपी गंगवानी — के निर्माणों पर कार्रवाई रोक दी गई।
इससे चुनाववादी और शिकायतपूर्ण माहौल और भी गर्म हो गया है।
कार्रवाई का टाइमलाइन
वर्ष कार्रवाई अहम नतीजे
2020 सड़क व रेलिंग निर्माण तेलीपारा तक रेलिंग बनी
2021-22 पहला सीमांकन 40+ कब्ज़े चिह्नित
2025 (अक्टूबर) कोर्ट आदेश पर दोबारा सीमांकन कब्ज़ों की फिर पुष्टि
2025 (शनिवार) निगम की कार्रवाई 40+ निर्माण ढहे
निगम की सफाई
नगर निगम भवन अधिकारी अनुपम तिवारी ने कहा —
> “हाईकोर्ट के आदेश पर सीमांकन किया गया। जहां-जहां कब्ज़ा मिला है, वहाँ कार्रवाई की जा रही है। सरकारी कार्य में बाधा डालने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।”
इलाके में तनाव और अनिश्चितता
कई परिवार बेघर — विरोध जारी
मालिकानों के मकान ढहने से कई परिवार खुले आसमान के नीचे बैठ गए।
लोगों ने इसे एकतरफा, चुनिंदा और भ्रष्ट अभ्यास करार दिया है।
अब सवाल ये है कि —
👉 क्या आगे भी एक ही पैमाने से सभी पर कार्रवाई होगी?
👉 क्या किसी प्रभावित परिवार को मुआवजा या वैकल्पिक व्यवस्था मिलेगी?
👉 क्या यह सच्चमुच अतिक्रमण हटाओ मुहिम है… या किसी बड़े प्रोजेक्ट का रास्ता साफ करना?
फिलहाल, जवाली नाले के आसपास का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद












