छत्तीसगढ़ की सरजमीं जल्द ही एक ऐतिहासिक धार्मिक और रूहानी कार्यक्रम की गवाह बनने जा रही है। बिलासपुर में अल-जी़लानी सूफी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसे प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा सूफी जलसा माना जा रहा है।
इस कॉन्फ्रेंस की सबसे ख़ास बात यह है कि इसमें बगदाद शरीफ की खानकाह के मौजूदा सज्जादानशीन, अस्सय्यद अफीफुद्दीन अफीफी मियाँ बग़दादी पहली बार छत्तीसगढ़ की सरजमीन पर तशरीफ़ लाने वाले हैं।
बताया जा रहा है कि वे आका अलैहिस्सलाम के 33वें और हज़रत गौसे आज़म शैख अब्दुल कादिर जीलानी रज़ि अल्लाहु अन्हु के 19वें वंशज हैं। उनके आगमन को लेकर बिलासपुर समेत आसपास के इलाकों में सूफी मतवालों में ज़बरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम जहां आम लोगों को रूहानी पैग़ाम देगा, वहीं सामाजिक भाईचारे और मोहब्बत का संदेश भी पूरे प्रदेश में फैलाएगा।
चिश्तिया रंग फ़ाउंडेशन ने सभी उर्स-ए-पाक और सूफी मुहब्बत रखने वाले लोगों से अपील की है कि वे बड़ी तादाद में शामिल होकर हुज़ूर गौसे पाक के फ़ैज़ान से माला-माल हों।
📞 सम्पर्क : चिश्तिया रंग फ़ाउंडेशन, बिलासपुर (छ.ग)
मोबाइल : 8982777960
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✍️ रिपोर्ट : शेख सरफ़राज़ अहमद

