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छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के साथ ही ठंड ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई जिलों में सुबह-सुबह ठंडी हवाओं का अहसास होने लगा है और घने कोहरे ने लोगों को सर्दी का एहसास करा दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट होने का अनुमान जताया है।
सुबह का मौसम बना सर्द और सुहावना
शनिवार की सुबह राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा सहित कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। लोगों को सुबह की सैर के दौरान हल्की ठंड का अनुभव हुआ। वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों और सड़कों पर धुंध की चादर बिछी दिखाई दी। सूर्य निकलने के बाद हल्की गर्माहट जरूर महसूस हुई, लेकिन हवा में ठंडक बरकरार रही।
मौसम विभाग ने दी जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले हफ्तों में प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। विशेषकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, अंबिकापुर, मैनपाट, कोरिया, और बस्तर जैसे पहाड़ी व वन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा सकती है। इन इलाकों में रात के समय ठंड बढ़ेगी और सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना रहेगी।
लोगों ने निकाले गर्म कपड़े
बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों ने अब गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। दुकानों पर स्वेटर, मफलर और जैकेट की मांग बढ़ने लगी है। खासकर सुबह और देर शाम के समय लोगों को ठंड से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
कड़ाके की ठंड की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक तीव्र हो सकती है। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश के मौसम को और ठंडा बनाएंगी। नवंबर के पहले सप्ताह से ही ठंड का असर तेज़ी से बढ़ सकता है।
खुशनुमा हुआ मौसम
मानसून की विदाई के बाद प्रदेश का मौसम अब खुशनुमा हो गया है। दिन में हल्की धूप और सुबह-शाम की ठंडक ने मौसम को सुहाना बना दिया है। किसानों को भी इससे राहत मिली है, क्योंकि इस समय की ठंड फसलों की वृद्धि के लिए अनुकूल मानी जाती है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद


