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महंगाई की मार झेल रही आम जनता के लिए नए साल की शुरुआत राहत भरी खबर के साथ हुई है। केंद्र सरकार ने ईंधन की बढ़ती कीमतों पर बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीज़ल के दामों में भारी कटौती की घोषणा की है। यह फैसला आम लोगों के लिए नए साल का तोहफा माना जा रहा है।
वित्त मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नए रेट 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो चुके हैं, जिससे परिवहन से लेकर रोज़मर्रा की जरूरतों तक महंगाई के दबाव में कुछ कमी आने की उम्मीद है।
पेट्रोल 10.28 रुपये और डीज़ल 8.57 रुपये हुआ सस्ता
ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक,
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पेट्रोल की कीमत में 10.28 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है
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वहीं डीज़ल 8.57 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया गया है
कटौती के बाद पेट्रोल की कीमत 263.45 रुपये से घटकर 253.17 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीज़ल के दाम 265.65 रुपये से घटकर 257.08 रुपये प्रति लीटर तय किए गए हैं।
नए साल पर जनता को मिली राहत की सौगात
हालांकि पेट्रोलियम उत्पादों पर जनरल सेल्स टैक्स (GST) शून्य रखा गया है, लेकिन इसके बावजूद सरकार अलग-अलग मदों में भारी लेवी वसूल रही है।
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डीज़ल पर 78 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल लेवी और क्लाइमेट सपोर्ट लेवी
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पेट्रोल व हाई ऑक्टेन पर 82 रुपये प्रति लीटर चार्ज
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इसके अलावा पेट्रोल और HSD पर 16–17 रुपये प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी भी लगाई जा रही है
तेल कंपनियों और डीलरों को लगभग 17 रुपये प्रति लीटर वितरण और बिक्री मार्जिन के रूप में दिए जाते हैं।
हर महीने 8 लाख टन तक ईंधन की खपत
पेट्रोल और हाई स्पीड डीज़ल (HSD) सरकार के लिए राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत बने हुए हैं।
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इनकी मासिक खपत 7 से 8 लाख टन के बीच रहती है
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वहीं केरोसिन की मांग महज़ 10,000 टन प्रति माह है
सरकार ने वित्त वर्ष 2025 में केवल पेट्रोलियम लेवी से 1.161 ट्रिलियन रुपये की वसूली की थी। अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 27% बढ़कर 1.470 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच सकता है।
ईंधन की कीमतों में यह कटौती आम जनता के साथ-साथ परिवहन, उद्योग और व्यापार जगत के लिए भी राहत लेकर आई है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद
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