Social Activity BSP
12 जनवरी (Social Activity BSP)।
डिजिटल युग में मोबाइल और लैपटॉप हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। कामकाज, पढ़ाई, मनोरंजन और सोशल मीडिया—हर गतिविधि स्क्रीन से जुड़ गई है। लेकिन लंबे समय तक मोबाइल देखने या लैपटॉप पर लगातार काम करने से गर्दन झुकने लगती है और आंखों पर अधिक दबाव पड़ता है। इसका नतीजा गर्दन में जकड़न, दर्द, आंखों में जलन, भारीपन और सिरदर्द के रूप में सामने आता है। शुरुआत में लोग इसे हल्की समस्या समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन समय के साथ यह परेशानी गंभीर रूप ले सकती है।
लगातार स्क्रीन देखने से नींद प्रभावित होती है और मानसिक थकान भी बढ़ने लगती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह दर्द रोज़मर्रा के कामकाज को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में कुछ आदतों में तुरंत सुधार बेहद ज़रूरी है।
गर्दन और आंखों के दर्द से बचने के लिए सुधारें ये 3 आदतें
लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. एल.एच. घोटेकर के अनुसार, स्क्रीन से होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए सबसे पहले पोस्चर और स्क्रीन उपयोग की आदतों में बदलाव करना चाहिए—
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सही पोस्चर अपनाएं
मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते समय गर्दन को ज्यादा न झुकाएं। स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें और बैठने की कुर्सी व टेबल की ऊंचाई सही रखें। -
लगातार स्क्रीन न देखें
घंटों तक बिना रुके स्क्रीन देखने से बचें। बीच-बीच में ब्रेक लें और आंखों को आराम दें। स्क्रीन की ब्राइटनेस और फॉन्ट साइज आंखों के अनुसार सेट करें। -
फोन को आंखों से दूर रखें
मोबाइल को आंखों के बहुत पास लाने की आदत नुकसानदायक हो सकती है। सही दूरी बनाए रखें, ताकि आंखों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
नज़रअंदाज़ करने पर बढ़ सकता है खतरा
अगर गर्दन और आंखों के दर्द को लंबे समय तक अनदेखा किया जाए, तो सर्वाइकल पेन, मांसपेशियों में खिंचाव और रीढ़ से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं आंखों की रोशनी कमजोर होना, ड्राई आई सिंड्रोम, लगातार सिरदर्द, नींद की कमी और तनाव जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं, जो आगे चलकर मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
ये आदतें भी अपनाएं
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हर 20 मिनट में आंखों को आराम दें
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मोबाइल इस्तेमाल करते समय सही दूरी बनाए रखें
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गर्दन और आंखों की हल्की एक्सरसाइज करें
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स्क्रीन टाइम सीमित रखें
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सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें
सलाह: समय रहते सही आदतें अपनाकर आप गर्दन और आंखों के दर्द से बच सकते हैं और डिजिटल डिवाइस का सुरक्षित इस्तेमाल कर सकते हैं।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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