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नई दिल्ली:
Indian Newspaper Day 2025 हर साल 29 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय पत्रकारिता, प्रेस की स्वतंत्रता और समाज में समाचार पत्रों की अहम भूमिका को सम्मान देने का अवसर है। इसी दिन भारत के पहले समाचार पत्र ‘हिकी का बंगाल गजट’ का प्रकाशन हुआ था, जिसने देश में पत्रकारिता की नींव रखी।
भारतीय समाचार पत्र दिवस न सिर्फ पत्रकारिता के इतिहास को याद करने का दिन है, बल्कि यह सत्य, निष्पक्षता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल्यों को दोहराने का भी अवसर है। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े अहम सवालों के जवाब—
भारतीय समाचार पत्र दिवस कब मनाया जाता है?
भारतीय समाचार पत्र दिवस हर साल 29 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय प्रेस के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने और पत्रकारिता की सामाजिक भूमिका को रेखांकित करने के लिए समर्पित है।
भारतीय समाचार पत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
इस दिन को मनाने का मुख्य कारण जेम्स ऑगस्टस हिकी द्वारा वर्ष 1780 में भारत के पहले समाचार पत्र ‘द बंगाल गजट’ के प्रकाशन को याद करना है। यह भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
भारतीय समाचार पत्र दिवस का क्या महत्व है?
भारतीय समाचार पत्र दिवस का महत्व मीडिया की स्वतंत्रता, सत्यनिष्ठा और निष्पक्ष रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने में है। यह दिन आज़ादी के आंदोलन में प्रेस की भूमिका को याद करता है और लोकतंत्र में चौथे स्तंभ के महत्व को उजागर करता है।
भारतीय समाचार पत्र दिवस की शुरुआत कब हुई थी?
भारतीय समाचार पत्र दिवस की शुरुआत 29 जनवरी 1780 से मानी जाती है, जब कोलकाता से ‘हिकी का बंगाल गजट’ प्रकाशित हुआ। यही कारण है कि हर साल इसी तारीख को यह दिवस मनाया जाता है।
भारतीय समाचार पत्र दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूती देना और समाज में मीडिया की जिम्मेदार भूमिका को समझाना है। यह दिन भारतीय पत्रकारिता के संघर्ष, विकास और उसके योगदान को सम्मानित करता है।
निष्कर्ष
भारतीय समाचार पत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि एक सशक्त लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र और जिम्मेदार मीडिया कितना आवश्यक है। यह दिन पत्रकारिता के मूल्यों—सत्य, निष्पक्षता और जनहित—को अपनाने की प्रेरणा देता है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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