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बिलासपुर, 16 फरवरी। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से लगे ग्रामीण वन क्षेत्रों में बाघिन और उसके दो शावकों की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। हाल ही में एक मवेशी का शिकार किए जाने के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
वन अधिकारियों के अनुसार, बाघिन को प्रत्यक्ष रूप से अब तक किसी ने नहीं देखा है, लेकिन घटनास्थल पर मिले पंजों के निशान और शिकार के तरीके से बाघिन की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में बाघिन और शावकों के विचरण की सूचनाएं मिल रही हैं।
📸 ट्रैप कैमरों से निगरानी
एटीआर प्रबंधन ने प्रभावित इलाकों में ट्रैप कैमरे लगा दिए हैं, ताकि बाघिन और शावकों की गतिविधियों की पुष्टि की जा सके। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को भी निगरानी में लगाया गया है। पटैता बैरियर से करीब एक किलोमीटर दूर मवेशी का शव मिलने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।
⚠️ ग्रामीणों के लिए चेतावनी
वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने, सुबह-शाम घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने और बच्चों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
🛑 शिकारियों की गतिविधियों पर भी नजर
टाइगर रिजर्व से बाहर बाघिन की मौजूदगी को देखते हुए वन अमला इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं अवैध शिकार के लिए फंदे तो नहीं लगाए गए हैं। फिलहाल ऐसी कोई गतिविधि सामने नहीं आई है।
💰 मुआवजा प्रक्रिया शुरू
मवेशी के शिकार के मामले में वन विकास निगम ने मुआवजा प्रकरण तैयार कर एटीआर प्रबंधन को भेज दिया है। नियमानुसार पशु मालिक को मुआवजा दिया जाएगा।
यह क्षेत्र एटीआर, वन विकास निगम और कोटा वन मंडल के संगम पर स्थित है। तीनों विभागों की संयुक्त टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और बाघिन व शावकों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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