अब थाने की व्यवस्था पर बोलेगी जनता — बिलासपुर रेंज में ‘अनुभव’ क्यूआर कोड सिस्टम लागू, फीडबैक सीधे आईजी तक पहुँचेगा

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बिलासपुर, 06 फरवरी 2026 (Social Activity BSP)।
बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और तकनीक-आधारित पहल की शुरुआत हुई है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग की अभिनव सोच से विकसित ‘अनुभव’ क्यूआर कोड सिस्टम को गुरुवार को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया। इस प्रणाली के लागू होने के बाद अब थानों में आने वाला हर नागरिक पुलिस व्यवस्था को सीधे आंक सकेगा और अपना फीडबैक बिना किसी डर या झिझक के उच्च अधिकारियों तक पहुँचा सकेगा।

इस नई व्यवस्था का शुभारंभ बिलासपुर पुलिस लाइन स्थित चेतना सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। कार्यक्रम में संभाग आयुक्त अनिल जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं बिलासपुर रेंज के सभी आठ जिलों—कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सारंगढ़ और सक्ती—के पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

कैसे करेगा ‘अनुभव’ सिस्टम काम

थानों और पुलिस कार्यालयों में प्रमुख स्थानों पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही एक सरल ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपने अनुभव, संतुष्टि या असंतोष को दर्ज कर सकेंगे। खास बात यह है कि इस फीडबैक को भेजने के लिए पहचान उजागर करना अनिवार्य नहीं है। नागरिक चाहें तो पूरी तरह गोपनीय रहते हुए भी अपनी बात रख सकते हैं। यह फीडबैक सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक पहुँचेगा, जिससे थानों की कार्यप्रणाली पर वास्तविक और निष्पक्ष नजर रखी जा सकेगी।


आईजी गर्ग बोले — जनता का अनुभव ही असली पैमाना

पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने कहा कि आधुनिक दौर में पुलिसिंग को केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि जन-अनुभव और जन-विश्वास को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। ‘अनुभव’ क्यूआर कोड सिस्टम आम नागरिकों को यह अवसर देगा कि वे पुलिस से जुड़े अपने वास्तविक अनुभव साझा करें और सुधार की दिशा तय करने में सहभागी बनें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज से रेंज के सभी आठ जिलों के हर थाने में यह व्यवस्था एक साथ लागू कर दी गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया जनहित में बड़ा कदम

जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि यह व्यवस्था आमजन को सशक्त बनाती है, क्योंकि अब उन्हें अपनी शिकायत या अनुभव दर्ज कराने के लिए किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहीं संभाग आयुक्त अनिल जैन ने कहा कि जनता के फीडबैक से ही किसी भी व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आती है, और यह पहल पुलिस को और अधिक जवाबदेह बनाएगी।

फीडबैक के आधार पर होगा सुधार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों में ‘अनुभव’ क्यूआर कोड स्थापित कर दिए गए हैं और थानों में आने वाले फरियादियों से प्राप्त फीडबैक का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशिमोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल तथा पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी ने भी इस पहल को पुलिस-जन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर बताया।

रिबन काटकर शुभारंभ, वीडियो के जरिए दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान क्यूआर कोड का रिबन काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया। साथ ही ‘अनुभव’ प्रणाली की कार्यप्रणाली और उपयोगिता पर आधारित एक विशेष वीडियो प्रेजेंटेशन भी प्रदर्शित की गई। आयोजन में शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी संगठन, जनप्रतिनिधि तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर द्वारा अतिथियों को स्मृति-चिन्ह प्रदान किए गए। अंत में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने आम नागरिकों से अपील की कि वे ‘अनुभव’ क्यूआर कोड सिस्टम का निर्भीक और जिम्मेदार उपयोग करें, ताकि पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और जनहितैषी बनाया जा सके।



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रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








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