छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान 10 माह 4 दिवस में सर्वाधिक 5 लाख आवास पूर्ण, देश में नंबर-1 बना राज्य

Social Activity BSP

रायपुर, 5 फरवरी 2026 (Social Activity BSP)
प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में राज्य में 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में गठित नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के सुनियोजित क्रियान्वयन और राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित व अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है, क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित प्रतिदिन औसतन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्धता, गुणवत्ता और लक्ष्यबद्ध कार्य संस्कृति की नई मिसाल पेश की है।

जिलों की सक्रिय भागीदारी बनी सफलता की नींव

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय सहभागिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी।
इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29,235, महासमुंद में 27,224, बलरामपुर में 27,012, कोरबा में 26,839 तथा रायगढ़ जिले में 26,707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने अग्रणी भूमिका निभाई।

इसके अलावा मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर राज्य की इस ऐतिहासिक उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।

आवास के साथ आजीविका और महिला सशक्तिकरण पर जोर

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

इस पहल के सकारात्मक परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

कौशल विकास और सामाजिक पुनर्वास की मिसाल

प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास का प्रभावी माध्यम बन रही है।

नरेगा से जुड़ी आजीविका योजनाएँ

आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के तहत आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश में वर्तमान में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।

मुख्यमंत्री का वक्तव्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा—

“प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह की अवधि में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव हैं। हमारा लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे।”

उप मुख्यमंत्री का बयान

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—

“5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। आवास निर्माण के साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है।”



Social Activity BSP👈

रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद








Click here 👆👆

Post a Comment

Previous Post Next Post