Social Activity BSP
बिलासपुर, 23 फरवरी 2026 (Social Activity BSP)।
बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायतों में अब महाराष्ट्र के आदर्श ग्राम मॉडलों की तर्ज पर विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने सात दिवसीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्रवास से लौटने के बाद कहा कि जल संरक्षण, पारदर्शी प्रशासन और सामुदायिक सहभागिता को केंद्र में रखकर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा, “इस प्रशिक्षण से हमें ग्राम विकास के व्यावहारिक और टिकाऊ मॉडल समझने का अवसर मिला है। अब इन अनुभवों को बिलासपुर की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।”
सात दिवसीय अध्ययन प्रवास सफल
जिला प्रशासन के नवाचार उन्मुखीकरण कार्यक्रम के तहत जिला पंचायत बिलासपुर के सदस्यों का सात दिवसीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्रवास 16 फरवरी से प्रारंभ हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई स्थित कुशाभाऊ ठाकरे महालगनी प्रबोधिनी संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रवास का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर सुशासन, जल प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता, स्वावलंबन और जनभागीदारी के सफल मॉडलों का अध्ययन करना था।
व्यवहारिक प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ग्राम विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और नवाचार आधारित प्रशासनिक प्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। समूह चर्चा और व्यवहारिक सत्रों के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
राजेश सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण, स्वच्छता, रोजगार सृजन और सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता देते हुए पंचायतों में नई कार्यसंस्कृति विकसित की जाएगी।
कलेक्टर ने लिया फीडबैक, दिया सहयोग का भरोसा
प्रवास से लौटने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त सुझावों को जिले में लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया।
कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन, ग्राम स्तरीय योजना निर्माण और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण समन्वय और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।
रालेगण सिद्धि से मिली प्रेरणा
प्रशिक्षण प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के आदर्श ग्राम रालेगण सिद्धि का भ्रमण किया। समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा स्थापित इस मॉडल ने जल संरक्षण, श्रमदान, नशामुक्ति और सामूहिक निर्णय प्रणाली के माध्यम से देशभर में पहचान बनाई है।
ग्राम के जल प्रबंधन और सामाजिक अनुशासन ने प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
हिवरे बाजार मॉडल का अध्ययन
प्रतिनिधिमंडल ने प्रसिद्ध आदर्श ग्राम पंचायत हिवरे बाजार का भी अध्ययन किया। यहां जल संरक्षण, कृषि विविधीकरण, पारदर्शी पंचायत संचालन और ग्रामीण आय वृद्धि के अभिनव प्रयोगों को प्रत्यक्ष देखा गया।
ग्राम सभा की सक्रिय भूमिका और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली से प्रेरित होकर सदस्यों ने ऐसे मॉडल बिलासपुर की पंचायतों में लागू करने का संकल्प लिया।
चरणबद्ध क्रियान्वयन की तैयारी
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि अध्ययन के दौरान प्राप्त नवाचारों को प्राथमिकता वाले ग्रामों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।
उपसंचालक पंचायत शिवानी सिंह ने कहा कि यह केवल अध्ययन यात्रा नहीं, बल्कि ग्राम विकास की नई दिशा तय करने का अवसर है। पंचायत विभाग जिला प्रशासन के साथ मिलकर ग्राम सभाओं को सक्रिय करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाएगा।
संयुक्त कार्ययोजना पर सहमति
कार्यक्रम के समापन पर जिला पंचायत सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पारदर्शिता, समन्वय और जनसहभागिता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। शीघ्र ही संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर चयनित ग्राम पंचायतों में मॉडल के रूप में इन नवाचारों को लागू किया जाएगा।
जिला पंचायत बिलासपुर ने विश्वास जताया है कि सामूहिक प्रयास और प्रशासनिक सहयोग से जिले की ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर, समृद्ध और आदर्श विकास मॉडल के रूप में उभरेंगी।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद







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