Social Activity BSP
तखतपुर, 18 मार्च 2026 (Social Activity BSP)।
परंपरागत खेती से सीमित आय के दौर को पीछे छोड़ते हुए तखतपुर विकासखंड के ग्राम निरतू और अमोलीकापा के किसानों ने आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। प्रगतिशील किसान भुखन लाल और रामाधार साहू आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं के लाभ से इन किसानों ने अपनी खेती का स्वरूप बदल दिया। ग्राम निरतू के किसान भुखन लाल ने 2 हेक्टेयर भूमि पर कटहल और नींबू के पौधों के साथ अंतरवर्ती फसल के रूप में बैंगन की खेती शुरू की। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट, ड्रिप सिंचाई और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि हुई।
भुखन लाल की मेहनत का परिणाम यह रहा कि उन्हें बैंगन का लगभग 425 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। करीब 2.5 से 3 लाख रुपये की लागत के मुकाबले उन्हें 5 से 6 लाख रुपये तक की आय हुई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
वहीं ग्राम अमोलीकापा के किसान रामाधार साहू ने भी राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की है। पहले परंपरागत खेती करने वाले रामाधार अब आधुनिक तकनीकों की मदद से बेहतर उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्हें इस सीजन में 200 से 220 क्विंटल उत्पादन और 2 से 3 लाख रुपये आय की उम्मीद है।
यह सफलता की कहानी बताती है कि यदि किसान नई तकनीकों को अपनाएं और शासन की योजनाओं का लाभ लें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। तखतपुर क्षेत्र के ये किसान आज आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं और अन्य किसानों को भी नवाचार की राह दिखा रहे हैं।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद


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