Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP)।
बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला एवं बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान स्थित चेतना भवन में आयोजित हुआ, जिसमें रेंज के सभी साइबर थानों एवं साइबर सेल के अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, अपराधियों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और उनसे निपटने के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी और डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है और इनसे निपटने के लिए तकनीकी दक्षता बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर साइबर क्षेत्र के निजी विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया, जिन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अधिकारियों को नवीनतम तकनीकी उपकरणों और जांच के आधुनिक तरीकों से अवगत कराया। इससे पुलिस बल को और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला।
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए अपराधियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
आईजी राम गोपाल गर्ग ने “अनुभव” ऐप और वेबसाइट का भी उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से आम नागरिक सीधे पुलिस प्रशासन तक अपनी शिकायत, समस्या और सुझाव पहुंचा सकते हैं। यह फीडबैक सीधे आईजी कार्यालय तक पहुंचता है, जिससे पुलिस व्यवस्था में सुधार करने में मदद मिल रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक इस ऐप को डाउनलोड कर पुलिस के साथ संवाद स्थापित करें।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से आए वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ एवं पुलिस कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पुलिस विभाग का मानना है कि जनसहभागिता और तकनीकी जागरूकता के समन्वय से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, और यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद


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