Social Activity BSP
बिलासपुर(Social Activity BSP)। जिले में पशुओं को खुरहा-चपका जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग द्वारा निःशुल्क खुरहा-चपका टीकाकरण महाअभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 15 मार्च 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी चारों विकासखंडों में संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान जिले के कुल 4 लाख 14 हजार 666 पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन और संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य पशुपालकों के पशुओं को खतरनाक संक्रमण से सुरक्षित रखना है। प्रशासन ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराकर इस बीमारी से बचाव सुनिश्चित करें।
रोग के प्रमुख लक्षण
खुरहा-चपका एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर तथा अन्य खुर वाले और दुधारू पशुओं में फैलती है। समय पर टीकाकरण नहीं होने पर यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और पशुओं की मृत्यु तक हो सकती है।
संक्रमित पशुओं में मुंह से चिपचिपा लार निकलना, तेज बुखार आना, लंगड़ाना, भोजन में रुचि कम होना, खुरों और मुंह के अंदर छोटे-छोटे फफोले पड़ना, कमजोरी और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
संक्रमण की स्थिति में क्या करें
यदि किसी पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक को सूचना दें। संक्रमित पशु को अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखें और प्राथमिक उपचार के रूप में पशु के मुंह और खुरों को साफ रखें। साथ ही जीवाणुनाशक दवा का छिड़काव करें और पशु चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
पशुपालकों से सहयोग की अपील
संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं बिलासपुर डॉ. जी.एस.एस. तंवर ने पशुपालकों से अपील की है कि वे 15 मार्च से शुरू होने वाले एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान में सहयोग करें और अपने पशुओं को पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों से टीका अवश्य लगवाएं। साथ ही पशुओं के भारत पशुधन पोर्टल पर पंजीयन के लिए आधार नंबर और मोबाइल नंबर के ओटीपी की जानकारी विभागीय कर्मचारियों को उपलब्ध कराएं।
जागरूकता अभियान भी जारी
जिला नोडल अधिकारी डॉ. विरेन्द्र पिल्ले ने बताया कि संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों में खुरहा-चपका रोग नियंत्रण और पशु पंजीयन के संबंध में कृषक संगोष्ठियां आयोजित कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद


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